जम्मू में संबोधित करते जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। | Source: Chrome

जम्मू में संबोधित करते जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला।Source : Chrome

जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। जम्मू में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस की 'चलो दिल्ली' रैली में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर देश की राजधानी में अपनी बात रखना भी गलत माना जा रहा है, तो फिर सरकार बताए कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपनी मांग आखिर कहां रखें।

राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग फिर दोहराई

रविवार को जम्मू में आयोजित 'चलो दिल्ली' रैली के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस लोकतांत्रिक तरीके से जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह मांग किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि प्रदेश के लोगों की भावना से जुड़ा मुद्दा है।

क्या हमें ट्रंप के व्हाइट हाउस जाना चाहिए?

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में भी अपनी बात नहीं रख सकते, तो फिर क्या राज्य का दर्जा मांगने के लिए अमेरिका जाकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा?उन्होंने कहा कि अगर संसद और जंतर-मंतर जैसे लोकतांत्रिक मंचों पर भी आवाज उठाने पर आपत्ति है, तो सरकार यह बताए कि आखिर जनता अपनी मांग कहां रखे।

अलगाववाद के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

उमर अब्दुल्ला ने मीरवाइज उमर फारूक को लेकर हो रही राजनीतिक टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार दावा करती है कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद समाप्त हो चुका है, वहीं दूसरी ओर कुछ नेताओं और मीडिया के एक वर्ग द्वारा अब भी लोगों को अलगाववादी बताया जाता है।उन्होंने कहा कि दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। यदि अलगाववाद खत्म हो चुका है, तो फिर बार-बार ऐसे आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं?

ऑपरेशन लोटस का लगाया आरोप

मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर उनकी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में भी ऑपरेशन लोटस चलाने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप था कि विपक्षी दलों को कमजोर करने की रणनीति देश के कई राज्यों में अपनाई गई है और अब यही प्रयास जम्मू-कश्मीर में भी किया जा रहा है।उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब चुनावी रास्ते से सत्ता हासिल नहीं होती, तब राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिश की जाती है।

बीजेपी ने आरोपों को किया खारिज

हालांकि, इससे पहले बीजेपी नेताओं ने उमर अब्दुल्ला के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया था, जिनमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी पार्टी के विधायकों को पाला बदलने के लिए करोड़ों रुपये की पेशकश की गई। बीजेपी ने इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक बताया था।

राज्य के दर्जे को लेकर जारी रहेगी लड़ाई

अपने संबोधन के अंत में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस लोकतांत्रिक तरीके से जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदेश के लोगों से किए गए वादे को पूरा करने और राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की अपील की।