erer | Source: ereनई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता एक बार फिर दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर को लेकर दिए गए अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं। नाना पाटेकर के निधन के बाद भी तनुश्री अपने पुराने आरोपों पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो कुछ हुआ, उसे वह आज भी नहीं भूली हैं और अपने अनुभव के बारे में पहले की तरह ही बोलती रहेंगी। तनुश्री ने नाना पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी हुई, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार सबूतों के अभाव में केस बंद हो गया था। अब अभिनेत्री ने एक बार फिर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा है कि उन्हें कई वर्षों तक मानसिक और दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

लखनऊ के कार्यक्रम में तनुश्री ने रखी अपनी बात

रिपोर्ट के मुताबिक, तनुश्री दत्ता बीती रात लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। वहां मीडिया से बातचीत के दौरान उनसे नाना पाटेकर के निधन के बाद दिए गए उनके विवादित बयान को लेकर सवाल किए गए। इस पर अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि वह अपने आरोपों से पीछे नहीं हट रही हैं। उनका कहना था कि किसी घटना को लेकर उनका अनुभव और नजरिया वही रहेगा, भले ही उस मामले से जुड़ा व्यक्ति अब जीवित न हो।

तनुश्री ने कहा, “जो सच है, वो सच है। वो 10 जन्म भी ले लें, तब भी मैं यही कहूंगी।” उन्होंने अपने पक्ष में अदालत में गवाही से जुड़े हलफनामे का भी उल्लेख किया। अभिनेत्री के मुताबिक, उनकी ओर से मामले में मुख्य गवाह का हलफनामा पेश किया गया था। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन उस हलफनामे की पेशी होनी थी और उन्हें लगा था कि मामला उनके पक्ष में जा सकता है, उसी दिन केस बंद करवा दिया गया। ये बातें तनुश्री ने अपने नजरिए से कहीं हैं; मामले की कानूनी स्थिति और उनके दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।

‘ईश्वर ने ही उसके प्राण हरे हैं’—बयान से फिर बढ़ा विवाद

नाना पाटेकर के निधन पर तनुश्री की टिप्पणी ने विवाद को और तेज कर दिया है। अभिनेत्री ने कहा कि उनके अनुभव में नाना का व्यवहार और उससे जुड़ी परेशानियां लंबे समय तक जारी रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार परेशान किया गया और एक समस्या खत्म होने के बाद दूसरी परेशानी सामने आ जाती थी। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनके लिए यह अनुभव किसी बुरे सपने से कम नहीं था।

तनुश्री ने नाना को लेकर कहा, “वो बहुत अहंकारी आदमी था। ईश्वर ने ही उसके प्राण हरे हैं। क्योंकि ये रुक नहीं रहा था।” यह टिप्पणी अभिनेत्री की निजी प्रतिक्रिया है और इसी के कारण सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर बहस हो रही है। जहां कुछ लोग उनके अनुभव और आरोपों पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने निधन के बाद इस तरह की भाषा के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।

तनुश्री का दावा—लगातार परेशानियों के कारण हुईं बीमार

मीडिया से बातचीत में तनुश्री ने दावा किया कि उनके खिलाफ कथित तौर पर लगातार ऐसी परिस्थितियां पैदा की गईं, जिनका असर उनकी सेहत पर पड़ा। उन्होंने कहा कि एक परेशानी समाप्त होती थी तो दूसरी शुरू हो जाती थी। अभिनेत्री के अनुसार, इन घटनाओं के कारण उन्हें चिंता और घबराहट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

तनुश्री ने कहा, “ये शैतान रुक नहीं रहा था। मुझे परेशान किए ही जा रहा था। एक चीज बंद होती, फिर कुछ और शुरू हो जाता था। उनके षड्यंत्र की वजह से मैं बीमार हो गई थी। मुझे एंग्जाइटी हो गई थी।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी महिला के पीछे कई लोगों को लगा दिया जाए, तो उसकी मानसिक स्थिति पर क्या असर पड़ेगा, इसे समझना चाहिए। ये गंभीर आरोप हैं, जिन्हें तनुश्री ने अपने अनुभव के रूप में बताया है। उपलब्ध सामग्री में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है।

‘पांच साल तक बुरे दिन देखे’

तनुश्री ने कहा कि मीटू आंदोलन के बाद के वर्षों में उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी। उनके अनुसार, पिछले पांच साल उनके लिए बेहद कठिन रहे। अभिनेत्री ने लोगों से अपील की कि वे किसी विवाद पर राय बनाते समय उस व्यक्ति के नजरिए को भी समझने की कोशिश करें, जिसने कथित तौर पर उन परिस्थितियों का सामना किया हो।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नाना पाटेकर के साथ अनुभव अच्छा रहा है, उनके लिए उनकी बातों को समझना मुश्किल हो सकता है। तनुश्री के मुताबिक, हर व्यक्ति का अनुभव अलग होता है और किसी एक व्यक्ति के साथ अच्छा व्यवहार होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे व्यक्ति का अनुभव भी वैसा ही रहा होगा। उनका कहना है कि उनके साथ जो कुछ हुआ, उसे समझने के लिए उनकी परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।

केस वापस लेने के लिए दबाव और लालच का आरोप

तनुश्री ने बातचीत में यह भी दावा किया कि उनसे केस वापस लेने के लिए कहा गया था। अभिनेत्री के मुताबिक, उन्हें कथित तौर पर लालच भी दिया गया, लेकिन उन्होंने मामला वापस नहीं लिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए अपने आरोपों पर कायम रहना महत्वपूर्ण था। हालांकि, इस दावे के संबंध में उपलब्ध रिपोर्ट में दबाव डालने वाले लोगों या कथित लालच के स्वरूप का विस्तृत विवरण नहीं है।

इस मामले में तनुश्री के बयान और कानूनी प्रक्रिया के बीच अंतर समझना भी जरूरी है। अभिनेत्री अपने अनुभव और आरोपों को दोहरा रही हैं, जबकि किसी आरोप की न्यायिक पुष्टि अलग विषय है। रिपोर्ट के अनुसार, केस सबूतों के अभाव में बंद हो गया था। ऐसे में उनके मौजूदा बयान को उनके व्यक्तिगत दावे और प्रतिक्रिया के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

गाड़ी के ब्रेक काटने और दुर्घटना का भी किया जिक्र

तनुश्री ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनकी गाड़ी के ब्रेक काटे गए थे और उनका एक्सीडेंट भी हुआ। उन्होंने फूड पॉइजनिंग होने की बात भी कही। अभिनेत्री ने इन घटनाओं को उन मुश्किल परिस्थितियों से जोड़कर बताया, जिनका सामना करने का वह दावा करती हैं।

उन्होंने कहा कि इन अनुभवों से गुजरने वाली वही हैं, इसलिए उनकी पीड़ा को वही बेहतर समझ सकती हैं। हालांकि, इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ था, इसे लेकर उपलब्ध रिपोर्ट में कोई स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक जांच का निष्कर्ष नहीं दिया गया है। इसलिए इन दावों को तनुश्री के आरोपों के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

मीटू विवाद फिर चर्चा में

तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर से जुड़ा विवाद पहले भी मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय रहा है। मीटू आंदोलन के दौरान तनुश्री ने नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद इस मामले को लेकर कानूनी और सार्वजनिक स्तर पर बहस हुई। अब नाना के निधन के बाद तनुश्री के बयान ने पुराने विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम में दो पहलू सामने आते हैं। एक ओर तनुश्री अपने कथित अनुभवों, मानसिक परेशानी और कानूनी संघर्ष का जिक्र कर रही हैं। दूसरी ओर, उनके बयान की भाषा और निधन के बाद की गई टिप्पणी पर भी सवाल उठ रहे हैं। अभिनेत्री का कहना है कि उनके साथ क्या हुआ, इसे समझे बिना उनके बयान पर फैसला नहीं करना चाहिए।