erer | Source: ererचेन्नई। दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने अपने बल्ले से ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। साउथ जोन के खिलाफ मुकाबले में ईशान ने पहली पारी में शानदार दोहरा शतक जड़ा और कप्तान के तौर पर दलीप ट्रॉफी फाइनल में 250 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में मैच के दूसरे दिन ईशान ने 301 गेंदों का सामना करते हुए 250 रन बनाए। उनकी पारी में 27 चौके और सात छक्के शामिल रहे। थकान के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा।

ईशान ने तोड़ा 39 साल पुराना रिकॉर्ड

ईशान किशन की 250 रनों की पारी ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में कप्तान के तौर पर सबसे बड़ी पारी का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड अंशुमान गायकवाड़ के नाम था। गायकवाड़ ने 1987 में वेस्ट जोन की ओर से नॉर्थ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल में 344 गेंदों पर 216 रन बनाए थे। उनकी पारी में 31 चौके शामिल थे।

ईशान ने 250 रन तक पहुंचते ही गायकवाड़ के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ वह दलीप ट्रॉफी फाइनल में कप्तान के तौर पर 250 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दलीप ट्रॉफी फाइनल में अब तक केवल दो कप्तानों ने दोहरा शतक लगाया है।

31 साल बाद ईस्ट जोन के लिए आया दोहरा शतक

ईशान किशन की यह पारी ईस्ट जोन के लिए भी बेहद खास रही। उन्होंने दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की ओर से दोहरे शतक का 31 साल पुराना इंतजार खत्म किया। ईशान से पहले सबा करीम ने 1995 में वेस्ट जोन के खिलाफ ईस्ट जोन के लिए नाबाद 200 रन की पारी खेली थी।

इस तरह ईशान की 250 रनों की पारी ने न केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाया, बल्कि ईस्ट जोन के लिए भी एक लंबे अंतराल के बाद दोहरे शतक का रिकॉर्ड कायम किया।

122वें ओवर में पूरा किया दोहरा शतक

ईशान किशन ने अपने दोहरे शतक तक पहुंचने के लिए शानदार धैर्य और आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 122वें ओवर की दूसरी गेंद पर चौका लगाकर अपना दोहरा शतक पूरा किया। दोहरा शतक पूरा करने के बाद उनकी बल्लेबाजी और तेज हो गई और उन्होंने तेजी से रन जुटाने की कोशिश की।

इसके बाद ईशान ने केवल 30 गेंदों में 50 रन और जोड़ दिए। उनकी बल्लेबाजी को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह तिहरे शतक की दिशा में भी आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, लगातार बल्लेबाजी के कारण वह थकान से जूझते नजर आए।

250 रन के बाद रिटायर्ड हर्ट हुए ईशान

ईशान की पारी के दौरान उनकी थकान साफ नजर आने लगी। 131वें ओवर में फिजियोथेरेपिस्ट मैदान पर पहुंचे और उन्होंने ईशान से बातचीत की। इसके बाद ईशान रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। जब वह पवेलियन की ओर लौट रहे थे, तब उनके साथियों ने तालियां बजाकर उनकी शानदार पारी का सम्मान किया।

ईशान के मैदान से बाहर जाने के बाद कौनैन कुरैशी बल्लेबाजी के लिए उतरे। उस समय ईस्ट जोन मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था और ईशान की पारी ने टीम के बड़े स्कोर की नींव रख दी थी।

तीन बड़ी साझेदारियों ने बदला मैच का रुख

ईशान किशन ने केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड ही नहीं बनाए, बल्कि अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में भी अहम योगदान दिया। उन्होंने कुमार कुशाग्र के साथ पांचवें विकेट के लिए 230 रनों की शानदार साझेदारी की। कुमार कुशाग्र ने 132 गेंदों में आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से 101 रन बनाए।

इससे पहले ईशान ने शिखर मोहन के साथ चौथे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी की। शिखर मोहन ने 85 रन बनाए। इसके बाद ईशान ने अनुकूल रॉय के साथ छठे विकेट के लिए 140 रन जोड़े। अनुकूल रॉय ने 98 गेंदों का सामना करते हुए 45 रन बनाए।

ईस्ट जोन ने पहले दिन से बनाई मजबूत पकड़

ईस्ट जोन ने रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। टीम के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।

वैभव सूर्यवंशी ने 37 गेंदों में 44 रन बनाए और 15वें ओवर में आउट हुए। इसके बाद अभिमन्यु ईश्वरन ने 86 गेंदों पर 72 रन की पारी खेली और 25वें ओवर में पवेलियन लौटे। सुदीप कुमार घरामी छह रन बनाकर 31वें ओवर में आउट हुए।

सुदीप कुमार घरामी के आउट होने के बाद ईस्ट जोन का स्कोर 147 रन पर तीन विकेट था। इसके बाद ईशान किशन ने मोर्चा संभाला और लगातार बड़ी साझेदारियां करते हुए टीम को विशाल स्कोर की ओर पहुंचा दिया।

टी ब्रेक तक 626 रन के पार पहुंचा ईस्ट जोन

ईशान किशन के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद भी ईस्ट जोन की रन गति मजबूत बनी रही। टी ब्रेक के समय ईस्ट जोन ने 134.1 ओवर में छह विकेट पर 626 रन बना लिए थे। ईशान के मैदान से बाहर जाने के बाद कौनैन कुरैशी छह रन बनाकर नाबाद थे।

ईस्ट जोन की पारी में ईशान किशन की 250 रनों की पारी सबसे बड़ा आकर्षण रही। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी में 27 चौके और सात छक्के शामिल रहे, जिससे उन्होंने अपनी टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रिकॉर्ड के साथ यादगार बनी ईशान की पारी

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन की यह पारी कई मायनों में खास रही। उन्होंने कप्तान के तौर पर सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड अपने नाम किया, अंशुमान गायकवाड़ के 39 साल पुराने 216 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और ईस्ट जोन की ओर से 31 साल बाद दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। 250 रन तक पहुंचने के बाद रिटायर्ड हर्ट होने के बावजूद ईशान की पारी ने फाइनल में ईस्ट जोन को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।