रोहित शर्मा ODI: खबर है कि टीम मैनेजमेंट ने रोहित शर्मा से अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे में आराम करने का अनुरोध किया था, ताकि यशस्वी जायसवाल को खेलने का मौका मिल सके। हालाँकि, रोहित ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। यशस्वी को टीम में जगह देने के लिए कप्तान शुभमन गिल को बैटिंग ऑर्डर में तीसरे नंबर पर आना पड़ा।नई दिल्ली। पिछले दो दिनों में, भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर कई रिपोर्ट सामने आई हैं। कुछ ने कहा कि सिलेक्शन कमिटी ने उनके बारे में मन बना लिया है, और रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा ODI उनके इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच हो सकता है। हालांकि, BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने साफ किया कि ऐसा नहीं है। सैकिया ने एक बयान में कहा, "रोहित भारतीय ODI टीम के रेगुलर सदस्य हैं और जब तक वह टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं, देश के लिए खेलते रहेंगे। लॉर्ड्स में ODI उनका आखिरी मैच नहीं है।" इन सबके बीच, एक नया खुलासा हुआ है कि मैनेजमेंट ने अफगानिस्तान के खिलाफ ODI सीरीज के बाद रोहित को टीम से बाहर करने का फैसला पहले ही कर लिया था।सिलेक्टर्स ने अपना मन बना लिया है।


टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, "सिलेक्शन कमिटी ने तय किया है कि इंग्लैंड सीरीज़ के बाद रोहित शर्मा भारत के पहले ODI ओपनर नहीं रहेंगे। टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स ने अपने विचार बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल फ़ॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) को भी बता दिए हैं। यह देखना बाकी है कि बोर्ड इस मामले पर रोहित शर्मा से बात करेगा या सिलेक्टर्स उन्हें अपने फ़ैसले के बारे में बताएंगे।यशस्वी को लंबा मौका देना चाहते हैं


रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टीम मैनेजमेंट शुरू में यशस्वी जायसवाल को इंग्लैंड में पूरी ODI सीरीज़ में खिलाना चाहता था ताकि वह 2027 ODI वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए काफी अनुभव हासिल कर सके। हालांकि, रोहित शर्मा को एक और मौका देने के लिए इस फैसले को टाल दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, "सिलेक्टर्स ने अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू ODI सीरीज़ के बाद रोहित को ड्रॉप करने का फैसला किया था। इसके अलावा, रोहित ने चेन्नई में तीसरे ODI में आराम करने से मना कर दिया। यशस्वी को मौका देने के लिए कप्तान शुभमन गिल को नंबर 3 पर बैटिंग करनी पड़ी।" विराट कोहली इस सीरीज़ का हिस्सा नहीं थे।कप्तानी खोने के बाद से रोहित शर्मा का पुराना स्टाइल देखने को नहीं मिला है।


चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद जब से शुभमन गिल को ODI कप्तान बनाया गया है, तब से रोहित शर्मा के परफॉर्मेंस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट भी उनके बदले हुए बैटिंग अप्रोच से नाखुश है। रोहित पहले जहां अपनी तेज शुरुआत के लिए जाने जाते थे, वहीं अब वह ज्यादा सावधानी और धीरे-धीरे बैटिंग कर रहे हैं। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि रोहित को अपनी लय पाने में किसी भी सीरीज के पहले दो या तीन मैच लग जाते हैं, जबकि भारत अब भविष्य के लिए टीम बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।फिटनेस भी चिंता का विषय


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सिलेक्टर्स ने रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर अपनी चिंताएं BCCI को पहले ही बता दी हैं। 2027 के ODI वर्ल्ड कप तक रोहित 40 साल से ज़्यादा के हो जाएंगे, और सिलेक्टर्स को शक है कि वह उस लेवल पर अपनी फिटनेस और फॉर्म बनाए रख पाएंगे। रोहित बाकी दोनों इंटरनेशनल फॉर्मेट से रिटायर हो चुके हैं और बहुत कम डोमेस्टिक क्रिकेट खेलते हैं। उन्होंने पिछले विजय हजारे ट्रॉफी सीजन में सिर्फ दो मैच खेले थे। सिलेक्टर्स का मानना है कि लिमिटेड मैच खेलने से उन्हें अपनी रिदम वापस पाने में ज़्यादा समय लगेगा।अब सबकी नज़रें लॉर्ड्स पर हैं।


आखिरी फ़ैसला BCCI और खुद रोहित शर्मा को करना है। हालांकि BCCI सेक्रेटरी ने इस मामले को साफ़ कर दिया है, लेकिन अगर रिपोर्ट सच साबित होती हैं, तो लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरा ODI मैच भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में से एक रोहित शर्मा के शानदार इंटरनेशनल करियर का आख़िरी चैप्टर हो सकता है।