उम्र के साथ शरीर में जकड़न, कमर दर्द, थकान और सुस्ती जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। खासकर 60 साल की उम्र के बाद लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि अब शरीर पहले जैसा एक्टिव नहीं रह सकता। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर रोज सिर्फ 10 मिनट का आसान रूटीन अपनाया जाए, तो उम्र बढ़ने के बावजूद शरीर को फिट और एक्टिव रखा जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने, कम फिजिकल एक्टिविटी और गलत लाइफस्टाइल की वजह से मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इसका असर कमर, घुटनों और शरीर की लचक पर सबसे ज्यादा पड़ता है। ऐसे में हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग शरीर को फिर से सक्रिय बनाने में मदद कर सकती है।

सुबह की हल्की स्ट्रेचिंग से मिल सकती है राहत

फिटनेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिन की शुरुआत हल्की स्ट्रेचिंग से करनी चाहिए। गर्दन, कंधे, कमर और पैरों की स्ट्रेचिंग करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और जकड़न कम होने लगती है।

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सुबह उठने के बाद 2 से 3 मिनट तक धीरे-धीरे हाथ और पैरों को स्ट्रेच करना चाहिए। इससे मांसपेशियों में लचीलापन बना रहता है और शरीर हल्का महसूस करता है।

10 मिनट का आसान रूटीन कैसे करें?

विशेषज्ञों के मुताबिक यह रूटीन ज्यादा कठिन नहीं है और इसे घर पर आसानी से किया जा सकता है। इसमें हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज और कुर्सी पर बैठकर किए जाने वाले मूवमेंट शामिल हो सकते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना सिर्फ 10 मिनट की एक्टिविटी भी शरीर की ताकत और बैलेंस को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। इससे कमर दर्द, शरीर की अकड़न और सुस्ती में राहत मिल सकती है।

बढ़ती उम्र में क्यों जरूरी है फिजिकल एक्टिविटी?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। अगर शरीर को एक्टिव न रखा जाए तो चलने-फिरने में परेशानी, थकान और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि हल्की एक्सरसाइज करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, मानसिक तनाव कम होता है और नींद भी बेहतर आती है। इसके अलावा नियमित एक्टिविटी दिल की सेहत और ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर रखने में मदद करती है।

कमर दर्द और जकड़न से कैसे मिलता है फायदा?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से कमर और पीठ की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। ऐसे में हल्की स्ट्रेचिंग और मूवमेंट करने से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और दर्द कम हो सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बुजुर्ग लोग भारी एक्सरसाइज करने के बजाय हल्के और सुरक्षित मूवमेंट को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इससे शरीर की लचक बनी रहती है और गिरने का खतरा भी कम हो सकता है।

एक्सपर्ट्स की क्या सलाह है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी नई एक्सरसाइज रूटीन को शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए, खासकर अगर पहले से कोई बीमारी हो। इसके साथ ही शरीर पर ज्यादा दबाव डालने से बचना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिट रहने के लिए घंटों जिम में समय बिताना जरूरी नहीं है। नियमित रूप से थोड़ी देर की हल्की एक्टिविटी भी बढ़ती उम्र में शरीर को स्वस्थ और एक्टिव रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

Disclaimer: यह जानकारी हेल्थ एक्सपर्ट्स और फिटनेस विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। अगर आपको कमर दर्द, जोड़ों की समस्या, हाई ब्लड प्रेशर या कोई गंभीर बीमारी है, तो किसी भी नई एक्सरसाइज या रूटीन को शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह जरूर लें।