पटना। पटना में गंगा का जलस्तर मंगलवार सुबह 6 बजे खतरे के निशान से ऊपर रहा। मनेर, दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह में पानी लाल निशान पार कर चुका है। हालांकि मनेर, दीघा घाट और गांधी घाट में जलस्तर घट रहा है, जबकि हाथीदह में पानी स्थिर है। बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी संरचनाओं को सुरक्षित बताया गया है।


मनेर में गंगा का जलस्तर 52.31 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 52.00 मीटर है। दीघा घाट में पानी 50.73 मीटर रहा, जहां खतरे का स्तर 50.45 मीटर है। गांधी घाट में जलस्तर 49.54 मीटर दर्ज हुआ, जो 48.60 मीटर के खतरे के स्तर से 0.94 मीटर ऊपर है। हाथीदह में गंगा का पानी 42.59 मीटर रहा, जबकि खतरे का स्तर 41.76 मीटर है।

जलस्तर की प्रवृत्ति में मनेर, दीघा घाट और गांधी घाट में पानी घटने की स्थिति दर्ज है। हाथीदह में जलस्तर स्थिर है। ऐसे में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर होने के बावजूद पटना के तीन प्रमुख गेज स्टेशनों पर जलस्तर में कमी दर्ज होना राहत की बात है।


सोन-पुनपुन में स्थिति सामान्य

सोन नदी के इंद्रपुरी में जलस्तर 102.10 मीटर है, जबकि खतरे का स्तर 108.20 मीटर है। कोइलवर में सोन का पानी 52.69 मीटर है और खतरे का स्तर 55.52 मीटर है।

पुनपुन नदी भी प्रमुख स्टेशनों पर खतरे के स्तर से नीचे है। पालमेरगंज में जलस्तर 92.93 मीटर और खतरे का स्तर 97.50 मीटर है। किंजर में पानी 63.31 मीटर है, जबकि खतरे का स्तर 65 मीटर है। श्रीपालपुर में जलस्तर 49.49 मीटर दर्ज किया गया, जो 50.60 मीटर के खतरे के स्तर से नीचे है।


बाढ़ सुरक्षा संरचनाएं सुरक्षित

पटना शहरी सुरक्षा दीवार के विभिन्न हिस्सों, दानापुर वितरण तटबंध, देवना नाला और उसरी नाला के दाएं-बाएं तटबंधों की स्थिति सुरक्षित दर्ज की गई है। इस तरह फिलहाल पटना में मुख्य चिंता गंगा के बढ़े हुए जलस्तर को लेकर है, जबकि तीन प्रमुख स्थानों पर पानी घटने और बाढ़ सुरक्षा संरचनाओं के सुरक्षित होने से राहत के संकेत हैं।