
बाराबंकी में जनसभा के दौरान BSP उम्मीदवार मोहम्मद मुबाशिर।Source : Chrome
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बाराबंकी की सदर विधानसभा सीट को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने जनसभा के दौरान मोहम्मद मुबाशिर को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुनावी मैदान में शुरुआती बढ़त लेने की कोशिश की है। इस घोषणा के साथ ही जिले की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
जनसभा में हुआ उम्मीदवार के नाम का ऐलान
देवा ऑडिटोरियम में आयोजित बसपा की जनसभा में प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने मंच से मोहम्मद मुबाशिर के नाम की घोषणा की। इसके साथ ही पार्टी ने साफ संकेत दिया कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतर चुकी है।
कौन हैं मोहम्मद मुबाशिर?
मोहम्मद मुबाशिर राजनीति में नए नहीं हैं। लखनऊ के खुर्रम नगर निवासी और मूल रूप से देवा क्षेत्र के खेवली गांव से जुड़े मुबाशिर पहले भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2007 में उन्होंने इंडियन जस्टिस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जबकि 2017 में बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में दरियाबाद विधानसभा सीट से मैदान में उतरे थे। उस चुनाव में उन्हें करीब 54 हजार वोट मिले थे और वे तीसरे स्थान पर रहे थे। अब पार्टी ने उन्हें नई जिम्मेदारी देते हुए बाराबंकी सदर सीट से उम्मीदवार बनाया है।
सपा के मजबूत गढ़ में BSP की नई रणनीति
बाराबंकी सदर विधानसभा सीट पिछले तीन चुनावों से समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ रही है। यहां से सपा के सुरेश यादव लगातार तीन बार विधायक चुने गए हैं। ऐसे में बसपा का मुस्लिम उम्मीदवार उतारना केवल प्रत्याशी बदलने का फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बदले हुए चुनावी समीकरण बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या बदल सकते हैं चुनावी समीकरण?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा दलित और मुस्लिम वोटों के पारंपरिक समीकरण को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अगर पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट रखने के साथ अल्पसंख्यक मतदाताओं का भरोसा जीतने में सफल रहती है, तो इस सीट पर मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा रोचक हो सकता है। हालांकि समाजवादी पार्टी की मजबूत पकड़ और भाजपा की सक्रिय तैयारियां बसपा के लिए चुनौती बनी रहेंगी।
प्रत्याशी बनने के बाद क्या बोले मुबाशिर?
उम्मीदवार घोषित होने के बाद मोहम्मद मुबाशिर ने बसपा प्रमुख मायावती और पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता विकास चाहती है और उनका प्रयास बाराबंकी सदर विधानसभा क्षेत्र को विकास और बुनियादी सुविधाओं के मामले में नई पहचान दिलाना होगा।
हाई-प्रोफाइल सीट बनने की ओर बाराबंकी सदर
बाराबंकी सदर विधानसभा सीट पर मुस्लिम, यादव, दलित और सवर्ण मतदाताओं की अच्छी संख्या है, जिससे यहां का चुनावी मुकाबला हमेशा दिलचस्प रहता है। पिछले चुनावों में समाजवादी पार्टी को इस सामाजिक समीकरण का फायदा मिला है। अब बसपा ने मुस्लिम चेहरे को आगे कर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है, जबकि भाजपा भी अपने संगठन और सामाजिक समीकरणों के सहारे इस सीट पर जीत की रणनीति तैयार कर रही है। ऐसे में 2027 का चुनाव नजदीक आते-आते बाराबंकी सदर विधानसभा उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो सकती है।
