बेंगलुरु। दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल से पहले भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। साउथ जोन की कप्तानी कर रहे तिलक वर्मा दलीप ट्रॉफी का फाइनल छोड़ना नहीं चाहते। इतना ही नहीं, उनकी कोशिश है कि फाइनल खेलने के बाद वह अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का पहला मुकाबला भी खेल सकें। तिलक का मानना है कि दोनों मुकाबलों के बीच मिलने वाले समय में वह राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़कर पहले टी20 के लिए तैयार हो सकते हैं।
6 से 10 सितंबर तक फाइनल, 13 सितंबर को पहला टी20
साउथ जोन ने बुधवार को दलीप ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन को सात विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। यह मुकाबला बेंगलुरु स्थित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड-2 में खेला गया। अब साउथ जोन की भिड़ंत फाइनल में ईस्ट जोन से होगी।
साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला 55 साल बाद खेला जाएगा। यह मैच 6 सितंबर से 10 सितंबर तक चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित होगा। इसके ठीक कुछ दिनों बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला शुरू होनी है। दोनों टीमों के बीच तीनों टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे।
तिलक बोले- फाइनल खेलना चाहता हूं, बाकी फैसला चयनकर्ताओं पर
सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करने के बाद तिलक वर्मा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह दलीप ट्रॉफी फाइनल खेलना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में खेलने की संभावना को लेकर भी अपनी योजना बताई।
तिलक ने कहा कि उन्हें लगता है कि फाइनल और अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 के बीच पर्याप्त समय है। उनके मुताबिक, अगर वह 11 सितंबर को राष्ट्रीय टीम के साथ रिपोर्ट करते हैं और 12 सितंबर को अभ्यास करते हैं तो 13 सितंबर को मुकाबले में उतर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन पर निर्भर करेगा।
सेमीफाइनल में तिलक का बल्ला जमकर बोला
अफगानिस्तान श्रृंखला से पहले तिलक वर्मा ने दलीप ट्रॉफी में अपनी बल्लेबाजी का दमदार प्रदर्शन दिखाया है। नॉर्थ जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की और दोनों पारियों में नाबाद रहे। इस मुकाबले में उनके बल्ले से एक शतक और एक अर्धशतक निकला।
तिलक के इस प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए उन्हें मुकाबले का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। साउथ जोन ने उनके नेतृत्व में सेमीफाइनल मुकाबला सात विकेट से अपने नाम किया और अब टीम की नजर दलीप ट्रॉफी की ट्रॉफी पर है।
राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं तिलक
तिलक वर्मा फिलहाल भारतीय टी20 टीम में उपकप्तान की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में दलीप ट्रॉफी फाइनल और अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 श्रृंखला के बीच उनके कार्यक्रम पर सभी की नजर है। तिलक खुद दोनों मुकाबलों में उतरने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं, लेकिन उनके खेलने को लेकर अंतिम फैसला चयनकर्ता और टीम प्रबंधन करेंगे।
तिलक के सामने एक ओर घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी टीम को खिताब दिलाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर भारतीय टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाने का मौका है। उन्होंने अपनी उपलब्धता को लेकर अपनी ओर से स्पष्ट इच्छा जरूर जाहिर कर दी है।
टेस्ट क्रिकेट को लेकर भी तिलक ने खोला दिल
तिलक वर्मा ने बातचीत के दौरान अपने टेस्ट क्रिकेट के सपने पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरुआत से ही लाल गेंद वाली क्रिकेट पसंद रही है। तिलक के मुताबिक, उन्होंने कभी भारत के लिए सीमित ओवरों की क्रिकेट खेलने का सपना नहीं देखा था, लेकिन परिस्थितियां उन्हें उस दिशा में ले गईं और उन्होंने भारत के लिए टी20 तथा वनडे में पदार्पण किया।
उन्होंने कहा कि लाल गेंद वाली क्रिकेट उनका मजबूत पक्ष रही है। तिलक ने बताया कि उन्होंने कम उम्र से ही कड़ी मेहनत शुरू कर दी थी और अब वह 23 साल के हैं। आईपीएल की वजह से उन्हें सफेद गेंद वाले प्रारूप में पहचान मिली, लेकिन इससे पहले वह लाल गेंद वाली क्रिकेट में काफी अनुभव हासिल कर चुके थे।
‘लंबे प्रारूप में खेलना हमेशा पसंद रहा’
टेस्ट क्रिकेट के प्रति अपनी पसंद बताते हुए तिलक वर्मा ने कहा कि लंबी अवधि वाला प्रारूप उनका मजबूत पक्ष रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है और यह ऐसा प्रारूप है जो हमेशा से उनके खून में रहा है।
तिलक के इस बयान से यह साफ है कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय टीम के साथ अपनी जगह मजबूत करने के साथ-साथ लाल गेंद वाले क्रिकेट में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उनके लिए इसी दिशा में महत्वपूर्ण मंच है।
अब नजर दलीप ट्रॉफी फाइनल और अफगानिस्तान टी20 पर
तिलक वर्मा के लिए आने वाले दिन बेहद व्यस्त रहने वाले हैं। पहले उन्हें 6 से 10 सितंबर तक चेन्नई में साउथ जोन के लिए दलीप ट्रॉफी फाइनल खेलना है। इसके बाद 13 सितंबर से नई दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला शुरू होगी। तिलक की इच्छा है कि वह फाइनल में खेलने के बाद राष्ट्रीय टीम के पहले टी20 मुकाबले के लिए भी उपलब्ध रहें।
तिलक ने अब गेंद चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के पाले में डाल दी है। वह अपनी ओर से दोनों मुकाबलों के लिए तैयार रहने की बात कह चुके हैं। सेमीफाइनल में उनके प्रदर्शन को देखते हुए उनकी बल्लेबाजी भी इस समय चर्चा में है।
तिलक के आंकड़े भी बताते हैं उनकी अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी
तिलक वर्मा अब तक भारत के लिए 53 टी20 अंतरराष्ट्रीय और पांच वनडे मुकाबले खेल चुके हैं। भारतीय टी20 टीम में उपकप्तान की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में दलीप ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन और अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी श्रृंखला दोनों उनके लिए अहम होंगे।
