नई दिल्ली। अपना घर बनाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सरिया की कीमतों से जुड़ी खबर राहत देने वाली नहीं है। मई और जून 2026 में कीमतों में गिरावट के बाद अब अगस्त में देश के कई प्रमुख शहरों में सरिया के दाम दोबारा बढ़ गए हैं। घर निर्माण में सरिया बेहद महत्वपूर्ण सामग्री है और इसकी कीमत में होने वाला बदलाव सीधे निर्माण लागत पर असर डालता है। 19 अगस्त 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक रायपुर, रायगढ़, भावनगर, राउरकेला, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई, जालना और गोवा समेत कई बाजारों में जून की तुलना में सरिया महंगा हुआ है।
मई-जून में सस्ता हुआ था सरिया, अब फिर बढ़ने लगी कीमत
घर निर्माण की लागत कम करने के लिए बड़ी संख्या में लोग सीमेंट, सरिया, ईंट और अन्य निर्माण सामग्री के दाम घटने का इंतजार करते हैं। मई और जून 2026 के दौरान सरिया के भाव में गिरावट देखने को मिली थी, जिससे घर बनाने की तैयारी कर रहे लोगों को कुछ राहत की उम्मीद जगी थी। लेकिन अगस्त में स्थिति बदल गई।
19 अगस्त 2026 के आंकड़ों में कई शहरों में सरिया की कीमत जून के मुकाबले ऊपर पहुंच गई है। इसका मतलब है कि जो लोग निर्माण सामग्री के दाम और नीचे आने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए लागत कम होने की उम्मीद फिलहाल झटका साबित हो सकती है।
घर की कुल लागत पर क्यों पड़ता है सरिया के भाव का असर?
मकान की मजबूती के लिए सरिया का इस्तेमाल बेहद महत्वपूर्ण होता है। नींव, कॉलम, बीम और छत जैसे निर्माण कार्यों में इसका उपयोग किया जाता है। ऐसे में सरिया की कीमत बढ़ने पर केवल इसी सामग्री का खर्च नहीं बढ़ता, बल्कि पूरी हाउस कंस्ट्रक्शन कॉस्ट पर इसका असर पड़ सकता है।
सरिया के भाव में नियमित तौर पर बदलाव होता रहता है। इसलिए निर्माण शुरू करने वाले लोगों के लिए मौजूदा बाजार भाव की जानकारी रखना महत्वपूर्ण है। कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी भी बड़े निर्माण में कुल खर्च को प्रभावित कर सकती है।
19 अगस्त को इन शहरों में क्या था सरिया का भाव?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सरिया के दाम अलग-अलग शहरों में अलग रहे। यहां दिए गए भाव प्रति मीट्रिक टन हैं और इनमें 18 प्रतिशत जीएसटी शामिल नहीं है।
रायपुर में 20 मई को सरिया 42,500 रुपये प्रति मीट्रिक टन था। 27 जून को यह घटकर 41,400 रुपये हुआ, लेकिन 19 अगस्त को फिर बढ़कर 42,300 रुपये पहुंच गया।
रायगढ़ में मई में भाव 42,000 रुपये था। जून में यह 40,800 रुपये पर आ गया था, जबकि 19 अगस्त को कीमत 41,500 रुपये दर्ज की गई।
भावनगर में 20 मई को सरिया 48,500 रुपये प्रति मीट्रिक टन था। जून में कीमत घटकर 45,000 रुपये हो गई, लेकिन अगस्त में यह फिर बढ़कर 48,000 रुपये पहुंच गई।
राउरकेला में मई का भाव 43,000 रुपये था। जून में कीमत 41,800 रुपये रही और 19 अगस्त को यह बढ़कर 42,500 रुपये हो गई।
हैदराबाद में सरिया 20 मई को 46,200 रुपये था। 27 जून को कीमत 43,000 रुपये तक गिर गई, जबकि 19 अगस्त को यह बढ़कर 45,800 रुपये हो गई।
चेन्नई में मई में सरिया 49,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन था। जून में भाव 45,800 रुपये रहा और 19 अगस्त को कीमत 47,500 रुपये पहुंच गई।
मुंबई में 20 मई को सरिया 47,300 रुपये था। जून में यह घटकर 44,700 रुपये हुआ, जबकि 19 अगस्त को फिर 47,300 रुपये हो गया।
जालना में मई का भाव 46,400 रुपये था। जून में यह 45,100 रुपये रहा और अगस्त में 46,000 रुपये पहुंच गया।
गोवा में मई में सरिया 51,500 रुपये प्रति मीट्रिक टन था। जून में इसमें बड़ी गिरावट आई और भाव 46,900 रुपये हो गया। लेकिन 19 अगस्त को कीमत फिर बढ़कर 48,400 रुपये पहुंच गई।
सबसे ज्यादा भाव गोवा में दर्ज
उपलब्ध 19 अगस्त के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिए गए शहरों में सरिया का सबसे ज्यादा भाव गोवा में 48,400 रुपये प्रति मीट्रिक टन दर्ज किया गया। इसके बाद भावनगर में 48,000 रुपये, चेन्नई में 47,500 रुपये और मुंबई में 47,300 रुपये का भाव रहा।
वहीं दिए गए शहरों में सबसे कम कीमत रायगढ़ में 41,500 रुपये प्रति मीट्रिक टन रही। रायपुर में भाव 42,300 रुपये और राउरकेला में 42,500 रुपये दर्ज किया गया।
जीएसटी जुड़ने के बाद कीमत और बढ़ेगी
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि बताए गए सरिया के भाव में 18 प्रतिशत जीएसटी शामिल नहीं है। यानी वास्तविक खरीदारी के समय जीएसटी जुड़ने के बाद भुगतान की जाने वाली राशि इन आंकड़ों से अधिक होगी।
इसलिए घर बनाने वाले लोगों को केवल बाजार में बताए जा रहे मूल सरिया भाव को देखकर अपना बजट तय नहीं करना चाहिए। खरीदारी के समय लागू कर और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कीमत को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
घर बैठे कैसे पता करें सरिया का ताजा भाव?
सरिया की कीमत में रोजाना बदलाव हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लोग अपने शहर के ताजा TMT सरिया भाव की जानकारी आयरनमार्ट की वेबसाइट ayronmart.com पर देख सकते हैं। वेबसाइट पर TMT सरिया की कीमतों के अपडेट उपलब्ध कराए जाते हैं।
हालांकि, वेबसाइट पर बताए गए भाव में 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से होता है। इसलिए अंतिम भुगतान राशि जानने के लिए जीएसटी को भी कीमत में जोड़ना होगा।
घर बनवाने वालों के लिए क्या है इसका मतलब?
सरिया के मौजूदा भाव से यह साफ है कि मई-जून में मिली गिरावट के बाद अगस्त में कई शहरों में कीमतों ने फिर से बढ़त हासिल की है। इसलिए निर्माण सामग्री के दाम कम होने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए मौजूदा सरिया भाव पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
घर निर्माण की कुल लागत में सरिया की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण इसके भाव में बदलाव बजट को प्रभावित कर सकता है। अलग-अलग शहरों में कीमत अलग होने के कारण स्थानीय बाजार का ताजा भाव पता करना भी जरूरी है।
