erer | Source: ererनई दिल्ली। यूट्यूबर ध्रुव राठी ने लंदन पहुंचकर भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि यदि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो जाए और उनकी जगह ऐसे चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की जाए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता की सहमति से चुना गया हो, तो विरोध प्रदर्शन उसी दिन समाप्त हो सकते हैं। राठी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग किसी तरह की अराजकता फैलाना नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करना और प्रत्येक नागरिक को मतदान का समान अवसर दिलाना है।

लंदन पहुंचकर ध्रुव राठी ने प्रदर्शन खत्म करने के लिए रखी शर्त

ध्रुव राठी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध प्रदर्शन की चर्चा जारी है। राठी ने लंदन में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे दें और उनकी जगह ऐसे चुनाव आयुक्त की नियुक्ति हो, जिसे प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता ने मिलकर चुना हो, तो प्रदर्शन समाप्त किए जा सकते हैं। राठी के बयान का मुख्य केंद्र चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग रही। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि देश में प्रत्येक व्यक्ति को अपना वोट डालने का बराबर अवसर मिले। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में चुनावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और इन मुद्दों पर लोगों के बीच जागरूकता फैलाना जरूरी है।

जर्मनी से भारत आए थे ध्रुव राठी, प्रदर्शन में शामिल होने से पहले हिरासत का दावा

समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, ध्रुव राठी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी से भारत आए थे। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, जिसके कारण वह भारत में आयोजित प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद वह लंदन चले गए, जहां उन्होंने ब्रिटिश संसद के सामने ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। राठी के लंदन पहुंचने के बाद उनके बयान और प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने भारत में विरोध प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सवाल उठाते हुए लंदन में सभा को संबोधित किया। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने और चुनाव से जुड़े सवाल उठाने का अवसर मिलना चाहिए।

‘अपने देश में प्रदर्शन की अनुमति नहीं, दूसरे देश की संसद के बाहर खड़े हैं’

लंदन में लोगों को संबोधित करते हुए ध्रुव राठी ने भारत में प्रदर्शन की परिस्थितियों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “अपने देश में हमें प्रोटेस्ट करने की इजाजत नहीं दी जा रही और जिस देश ने हम पर राज किया, उसके संसद के बाहर खड़े हैं। इसे कहते हैं लोकतंत्र।” इस बयान के जरिए राठी ने भारत में विरोध प्रदर्शन की अनुमति और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने देश में चल रही परिस्थितियों के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए और दूसरों तक भी इसे पहुंचाना चाहिए। राठी ने अपने संबोधन में यह भी दावा किया कि दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए 35 हजार से अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। उन्होंने सात हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने और पत्रकारों के साथ मारपीट होने का भी आरोप लगाया। राठी ने दावा किया कि उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर उठाए सवाल

ध्रुव राठी ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन समाप्त करने के लिए उनकी प्रमुख शर्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। उन्होंने कहा कि उनकी जगह ऐसे चुनाव आयुक्त को नियुक्त किया जाना चाहिए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता ने मिलकर चुना हो। राठी ने कहा, “आज ही प्रोटेस्ट बंद हो जाएंगे। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा करवा दो और एक ऐसे चुनाव आयुक्त को अप्वाइंट करो जिन्हें पीएम मोदी और नेता विपक्ष दोनों ने साथ में मिलकर चुना हो। हम बस अकाउंटेबिलिटी चाहते हैं और हर इंसान को वोट देने का बराबर का मौका मिल जाए।” इस बयान में उन्होंने चुनाव आयोग की जवाबदेही और चुनाव प्रक्रिया में समान अवसर को अपनी मांग का आधार बताया। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब मिलना चाहिए और लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

भाजपा समर्थकों को लेकर भी बोले ध्रुव राठी

सभा को संबोधित करते हुए ध्रुव राठी ने कहा कि कुछ लोग देश की परिस्थितियों को लेकर उनके दावों पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा समर्थकों की उस आशंका का भी जिक्र किया, जिसमें विरोध प्रदर्शनों को अराजकता फैलाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राठी ने इस आरोप का विरोध करते हुए कहा, “अराजकता तो तुम लोग ला रहे हैं।” उन्होंने अपने संबोधन में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और कहा कि विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी संभावनाओं पर भी टिप्पणी की। राठी ने दावा किया कि यदि चुनाव सही तरीके से कराए जाएं तो भाजपा को 100 सीटें भी नहीं मिलेंगी। यह उनका राजनीतिक आकलन और दावा है, न कि किसी चुनाव परिणाम की पुष्टि। अपने भाषण के दौरान राठी ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे भी लगाए। इन नारों के जरिए उन्होंने चुनाव में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

लंदन में ‘स्टॉप वोट चोरी’ प्रदर्शन, दूसरी ओर लगे ‘मोदी-मोदी’ के नारे

लंदन में आयोजित ‘स्टॉप वोट चोरी’ प्रदर्शन के दौरान ध्रुव राठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करने के लिए बुलाया गया। सभा में मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं, गांधी प्रतिमा की दूसरी ओर मौजूद एक छोटे समूह ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों समूहों के बीच नारेबाजी तेज होने लगी। दोनों पक्ष एक-दूसरे की आवाज को दबाने के लिए और जोर से नारे लगाने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति को संभालने के लिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारियों ने दोनों समूहों को अलग रखा। इस घटनाक्रम ने लंदन में आयोजित प्रदर्शन को भी राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बना दिया। एक ओर ध्रुव राठी और उनके समर्थक चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे थे, वहीं दूसरी ओर मौजूद समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए।

‘हम विदेशी हस्तक्षेप नहीं चाहते’, भारतीयों और प्रवासी भारतीयों को किया संबोधित

ध्रुव राठी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विदेशी हस्तक्षेप की मांग करना नहीं है। उन्होंने कहा, “हम विदेशी हस्तक्षेप नहीं चाहते। मैं यहां पार्लियामेंट स्क्वायर में भारतीयों और प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने आया हूं।” उन्होंने आगे कहा कि देश में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ संदेश फैलाना महत्वपूर्ण है। राठी के अनुसार, भारत और विदेशों में रहने वाले भारतीयों तक इस मुद्दे को पहुंचाना उनके संबोधन का प्रमुख उद्देश्य है। उनके इस बयान से उन्होंने अपने प्रदर्शन को चुनावी जवाबदेही और जागरूकता से जोड़ने की कोशिश की। हालांकि, चुनावों में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों और दावों की पुष्टि संबंधित तथ्यों तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जा सकती है।

ध्रुव राठी के बयान से फिर तेज हुई राजनीतिक बहस

लंदन में ध्रुव राठी का यह बयान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया में जवाबदेही के मुद्दे को फिर चर्चा में ले आया है। राठी ने प्रदर्शन खत्म करने के लिए स्पष्ट शर्त रखते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से आंदोलन समाप्त हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य विदेशी हस्तक्षेप नहीं, बल्कि भारतीयों और प्रवासी भारतीयों के बीच चुनाव से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाना है। फिलहाल, उनके बयान, प्रदर्शन के दौरान हुई नारेबाजी और लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।