erer | Source: ererपटना। रक्षाबंधन से ठीक पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को महिलाओं और छात्राओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने SC-ST वर्ग की महिलाओं के अंतरजातीय विवाह पर सरकार की ओर से 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। वहीं, सभी वर्गों की छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा यानी PT पास करने पर 30 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में महिलाओं को रोजगार और स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए शुरू किए गए तीन दिवसीय विशेष अभियान के दौरान कीं।

अंतरजातीय विवाह पर SC-ST महिलाओं को मिलेगी 2.5 लाख रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि SC-ST वर्ग की महिलाएं यदि अंतरजातीय विवाह करती हैं तो उन्हें सरकार की ओर से 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह घोषणा महिला सशक्तीकरण से जुड़े सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक भागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया।

PT पास छात्राओं को 30 हजार से 1 लाख रुपये तक प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों की छात्राओं के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा यानी PT पास करने वाली छात्राओं को 30 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस घोषणा से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं को आर्थिक प्रोत्साहन देने की सरकार की योजना सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा, रोजगार तथा सार्वजनिक जीवन में भागीदारी को बिहार के विकास से जोड़ते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

2030 तक एक करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2030 से पहले बिहार की एक करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि इन एक करोड़ महिलाओं में से 50 लाख महिलाओं को दुग्ध सहकारी समितियों और इससे जुड़े कामों से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की तरक्की का रास्ता महिलाओं के विकास से होकर निकलेगा। राज्य सरकार महिलाओं को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उनके साथ खड़ी होगी। उन्होंने वर्ष 2047 तक बिहार को देश का सबसे ताकतवर राज्य बनाने की बात भी कही।

सम्राट चौधरी ने सात निश्चय-तीन का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2030 तक एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी क्रम में एक करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पशुपालन और दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने पशुपालन एवं दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि वर्तमान में इससे जुड़ी महिलाओं की संख्या 12 लाख है, जिसे बढ़ाकर 50 लाख से अधिक करने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र तथा दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। बिहार में डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 80 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

सुधा बिक्री केंद्र खोलने वाली महिलाओं को सहायता

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सुधा बिक्री केंद्र खोलने वाली महिलाओं को दूसरी और तीसरी किश्त मिलाकर करीब 60 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सभी पंचायतों में एक सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए दीदी का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। इसे गांवों तक विस्तार दिया जाएगा।

इसके साथ ही बिहार के सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने का अभियान भी शुरू किया गया है। सरकार का जोर महिलाओं को इन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है।

रक्षाबंधन पर जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी

कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदी, सुधा सखी और दुग्ध उत्पादक महिलाओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जीविका-सुधा बिक्री केंद्रों के आवंटन-पत्र जीविका दीदियों को दिए। साथ ही पशु औषधि बिक्री केंद्रों के लिए चयनित महिलाओं को चयन-पत्र और दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के निबंधन प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।

पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। आज राज्य में करीब 59 से 60 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित होकर आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में बिहार की बड़ी उपलब्धि बताया।

एनीमिया मुक्त बिहार अभियान की शुरुआत

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को एनीमिया मुक्त बिहार विशेष अभियान का भी शुभारंभ किया। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। अभियान के दौरान एक करोड़ 20 लाख लाभार्थियों की जांच की जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार उनका इलाज किया जाएगा और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

अभियान में बच्चों, महिलाओं और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की एनीमिया की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर जरूरतमंद लाभार्थियों को उपचार और दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित कई महत्वपूर्ण लोग मौजूद रहे।

रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर एक साथ फोकस

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणाओं में महिलाओं के रोजगार, छात्राओं की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, सामाजिक सशक्तीकरण और स्वास्थ्य को प्रमुखता दी गई। एक ओर SC-ST महिलाओं के अंतरजातीय विवाह के लिए 2.5 लाख रुपये की सहायता और PT पास करने वाली छात्राओं के लिए 30 हजार से एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि की घोषणा की गई, वहीं दूसरी ओर 2030 तक एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य सामने रखा गया।

इसके साथ ही दुग्ध और पशुपालन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, सुधा बिक्री केंद्रों तथा दूध संग्रहण केंद्रों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने और एनीमिया मुक्त बिहार अभियान के तहत 1.20 करोड़ लाभार्थियों की जांच करने की योजना भी शुरू की गई है।