पटना हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कुमार ऋत्विक ने शुक्रवार को एक बार फिर अपना कार्यभार संभाल लिया। हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य सरकार ने उन्हें निलंबन से मुक्त कर दिया है। उनके दोबारा पदभार ग्रहण करने पर नगर परिषद कार्यालय में कर्मियों और पार्षदों ने स्वागत किया।

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हेलीपैड मामले में हुए थे निलंबित
गौरतलब है कि 23 मई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर दौरे के दौरान किला मैदान में बनाए गए हेलीपैड पर बरती गई कथित लापरवाही के मामले में नगर विकास एवं आवास विभाग ने कुमार ऋत्विक को निलंबित कर दिया था। विभाग ने तत्काल प्रभाव से उन्हें बक्सर से हटाते हुए निलंबन अवधि में नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर नगर निगम कार्यालय में योगदान देने का निर्देश जारी किया था।इसके बाद कुमार ऋत्विक ने इस कार्रवाई को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी। लगभग 18 दिनों बाद हाईकोर्ट से राहत मिलने पर उन्होंने शुक्रवार शाम करीब चार बजे नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर पुनः कार्यभार ग्रहण किया।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने दी राहत
प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 जुलाई को पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य सरकार ने कुमार ऋत्विक को निलंबन से मुक्त कर दिया। इससे पहले 22 जून को नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में बताया गया था कि मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर की लैंडिंग में हुई चूक की जांच के लिए जिलाधिकारी साहिला ने एडीएम की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने ईओ को निलंबित किया था।
24 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
कुमार ऋत्विक ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि हेलीपैड प्रकरण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है। फिलहाल पटना हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए पद पर बने रहने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को निर्धारित की गई है।
इधर प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की हेलिकॉप्टर लैंडिंग में हुई चूक को लेकर विभिन्न स्तरों पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जारी है और अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हुए स्पष्टीकरण मांग रहे हैं। इसी क्रम में ईओ का निलंबन भी हुआ था।
