erer | Source: erereनई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटाते हुए नरेश पाल गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं तथा विभिन्न छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी अब नरेश पाल गंगवार के पास

केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले इस पद की जिम्मेदारी विनीत जोशी संभाल रहे थे। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) भी आती है, जो NEET सहित कई राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं का संचालन करती है।

सरकार के इस फैसले को NEET पेपर लीक विवाद के बीच एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इस बदलाव को लेकर कोई अलग आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

विनीत जोशी को मिली नई जिम्मेदारी

मणिपुर कैडर के 1992 बैच के आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को अब पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। यानी उन्हें शिक्षा मंत्रालय से स्थानांतरित कर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षा मंत्रालय में उनकी जगह अब नरेश पाल गंगवार कार्यभार संभालेंगे।

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने एक अन्य महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए केरल कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी टीके अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया है। इस प्रकार शिक्षा मंत्रालय के दोनों प्रमुख विभागों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

कौन हैं नरेश पाल गंगवार?

नरेश पाल गंगवार का प्रशासनिक और शैक्षणिक अनुभव काफी व्यापक माना जाता है। प्रशिक्षण से इंजीनियर रहे गंगवार ने रुड़की विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से संचार विषय में एमटेक की डिग्री प्राप्त की। साथ ही राजस्थान विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए भी किया है।

अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। राजस्थान सरकार में प्रधान सचिव के रूप में कार्य करने के अलावा वे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और खतरनाक पदार्थों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य किया।

NEET पेपर लीक विवाद के बीच हुआ बड़ा फैसला

यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में किया गया है जब NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन जारी है। कई छात्र संगठन और विपक्षी दल लगातार परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था आवश्यक है। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन भी जारी हैं।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने किया फैसले का स्वागत

शिक्षा मंत्रालय में हुए इस बदलाव का भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'मोदी गारंटी' बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में लापरवाही दिखाने वाले शिक्षा सचिव को बदल दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जिन लोगों ने किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बरती है, उनके विरुद्ध भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासनिक बदलाव पर बढ़ी चर्चा

शिक्षा मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर हुए इस बदलाव को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा है। चूंकि यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब NEET परीक्षा को लेकर देशभर में बहस जारी है, इसलिए इस फेरबदल को विशेष महत्व दिया जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से नियुक्तियों को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है।