बिहार में निवेश और तकनीकी विकास को लेकर एक बड़ी पहल देखने को मिली है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गूगल (Google) की टीम ने मुलाकात की और बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने को लेकर चर्चा की। इस बैठक के बाद राज्य में आईटी सेक्टर और रोजगार को लेकर नई संभावनाओं की चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, गूगल की टीम ने बिहार में टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की संभावनाओं पर बातचीत की। इस दौरान राज्य में निवेश, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोलने का प्रस्ताव सामने रखा गया है, जिससे राज्य में आईटी और टेक सेक्टर को बढ़ावा मिल सकता है।

क्या होता है ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)?

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर किसी बड़ी कंपनी का ऐसा केंद्र होता है, जहां टेक्नोलॉजी, रिसर्च, डेटा मैनेजमेंट, डिजिटल सर्विस और बिजनेस ऑपरेशन से जुड़े काम किए जाते हैं। ऐसे सेंटर से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के मौके मिलते हैं।

बिहार को क्या होगा फायदा?

अगर बिहार में इस तरह का सेंटर स्थापित होता है, तो राज्य में आईटी सेक्टर को नई रफ्तार, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और डिजिटल निवेश बढ़ने की संभावना मानी जा रही है। साथ ही, इससे बिहार को टेक्नोलॉजी हब के रूप में पहचान बनाने में भी मदद मिल सकती है।

हालांकि, अभी यह प्रस्ताव शुरुआती चर्चा के स्तर पर माना जा रहा है और इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन गूगल टीम और राज्य सरकार के बीच हुई यह बैठक बिहार में निवेश की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।