रांची। झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार, 16 अगस्त की देर शाम राजधानी रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव के पुतले लेकर मार्च निकाला। मार्च के बाद छात्रों ने तीनों नेताओं के पुतलों का दहन किया और सरकार तथा सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे छात्र, गूंजे ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे
प्रदर्शनकारी छात्रों का मार्च रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ। मार्च के दौरान कई छात्रों के हाथों में तिरंगा नजर आया। छात्र मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर आगे बढ़ रहे थे और लगातार ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारी छात्र नेता रवींद्र कुमार पासवान ने बताया कि पुतला दहन का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों ने झारखंड में सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ अपना विरोध तब तक जारी रखने का फैसला किया है, जब तक JPSC-JSSC से जुड़ी उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।
हेमंत सोरेन के साथ राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का भी पुतला दहन
रविवार को निकाले गए मार्च में छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले भी शामिल किए। छात्रों का कहना है कि झारखंड में सत्ताधारी गठबंधन को लेकर वे अपनी नाराजगी व्यक्त करना चाहते हैं। छात्र नेता रवींद्र कुमार पासवान के अनुसार, इसी विरोध के तहत तीनों नेताओं के पुतले जलाने का निर्णय लिया गया था।
छात्रों के इस कदम से झारखंड में चल रहे भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आंदोलन का राजनीतिक रंग भी चर्चा में आ गया है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र मुख्य रूप से JPSC-JSSC की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
20 अगस्त को सीएम आवास घेरने की तैयारी
पुतला दहन के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने अपने अगले बड़े कार्यक्रम का भी ऐलान किया है। छात्र नेता के अनुसार, आगामी 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर छात्रों की ओर से तैयारियां किए जाने की बात कही गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव के कार्यक्रम को नैतिक समर्थन देने की बात कही है। वहीं, JMM की ओर से छात्रों को किसी तरह के उकसावे में नहीं आने की सलाह दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
राहुल गांधी के पुतले को लेकर छात्र नेता ने बताई वजह
प्रदर्शनकारी छात्रों ने राहुल गांधी का पुतला जलाने के पीछे भी अपनी वजह बताई। छात्र नेता रवींद्र कुमार पासवान ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस, JMM के साथ गठबंधन में है। उनके मुताबिक, इसके बावजूद राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे पर अपेक्षित मदद नहीं कर रहे हैं।
छात्र नेता ने दावा किया कि राहुल गांधी की ओर से फोन कॉल और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से छात्रों को आश्वासन दिया गया था। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते राहुल गांधी के पुतले का भी दहन किया गया।
‘आश्वासन के बावजूद मदद क्यों नहीं कर रहे राहुल गांधी?’
रवींद्र कुमार पासवान ने राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता शिल्पी नेहा तिर्की का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि यदि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े होने की बात कहते हैं, तो फिर उनकी मदद क्यों नहीं की जा रही है।
छात्र नेता ने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े होने की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ उनकी पार्टी की मंत्री की ओर से कही गई बातों को लेकर छात्र असंतुष्ट हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राहुल गांधी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, तो पार्टी के नेताओं के बयानों पर उनका नियंत्रण क्यों नहीं दिखाई देता।
शिल्पी नेहा तिर्की के बयान का भी किया गया जिक्र
दरअसल, झारखंड की मंत्री और कांग्रेस नेता शिल्पी नेहा तिर्की ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि सरकार से मिलने वाले छात्र प्रतिनिधिमंडल में वे छात्र शामिल नहीं थे, जो वास्तव में भूख हड़ताल या विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनके इस बयान का भी प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से जिक्र किया गया।
छात्र नेता ने इसी संदर्भ में राहुल गांधी से सवाल किया कि जब छात्रों को आश्वासन दिया गया है, तो फिर उनकी मांगों और आंदोलन के संबंध में प्रभावी मदद क्यों नहीं की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।
JPSC-JSSC आंदोलन ने पकड़ा जोर
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से विरोध जता रहे हैं। रविवार को रांची में हुए पुतला दहन और मार्च ने आंदोलन को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के बजाय आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुए मार्च में तिरंगा लेकर शामिल हुए छात्रों ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतलों का दहन किया गया।
अब 20 अगस्त के कार्यक्रम पर नजर
रविवार के प्रदर्शन के बाद अब आंदोलनकारी छात्रों की नजर 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम पर है। छात्रों की ओर से इसे आंदोलन के अगले महत्वपूर्ण चरण के तौर पर पेश किया गया है। वहीं, इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ चुकी हैं।
JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन फिलहाल जारी है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रखने की बात कही है। रांची में रविवार को हुए मार्च और पुतला दहन के बाद यह आंदोलन एक बार फिर राज्य की राजनीति और छात्र संगठनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
