पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। बिहार पुलिस में आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होने जा रही हैं। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने शुक्रवार को बताया कि अगले दो से ढाई महीने के भीतर बिहार पुलिस में 26,574 से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। विभिन्न परीक्षा आयोगों के माध्यम से इन पदों पर चयन की प्रक्रिया पहले से चल रही है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देकर सेवा में तैनात किया जाएगा।
26,574 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी विनय कुमार ने बिहार पुलिस में चल रही भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के माध्यम से दारोगा के 1,799 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। वहीं केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के माध्यम से चालक सिपाही के 4,361 पदों पर बहाली की प्रक्रिया जारी है।
डीजीपी के मुताबिक दारोगा पद के लिए मुख्य परीक्षा 27 मई 2026 को आयोजित की जा चुकी है। चालक सिपाही पद के लिए मोटर वाहन चालक दक्षता परीक्षा 22 अगस्त 2026 से शुरू होगी। इन भर्तियों के अलावा अन्य पदों को मिलाकर बिहार पुलिस में कुल 26,574 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इन सभी प्रक्रियाओं को अगले दो से ढाई महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
22 हजार से ज्यादा सिपाहियों की हो चुकी नियुक्ति
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि बिहार पुलिस में पहले से चल रही बड़े पैमाने की भर्ती प्रक्रिया के तहत 22 हजार से अधिक सिपाहियों की नियुक्ति की जा चुकी है और उन्हें जिलों में योगदान भी कराया गया है। इन नियुक्तियों के बाद राज्य में पुलिस बल की कुल संख्या बढ़कर करीब 1.21 लाख हो गई है।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के साथ-साथ अनुसंधान से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए पुलिस बल में आवश्यकता के अनुसार नियुक्तियां की जा रही हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि बिहार पुलिस को हर स्तर पर मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
डेढ़ साल में 50 हजार से अधिक सिपाहियों की नियुक्ति
विनय कुमार ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष में बिहार पुलिस में 50 हजार से अधिक सिपाहियों की नियुक्ति हो चुकी है। उनके मुताबिक यह संख्या राज्य के कुल पुलिस बल का लगभग 40 प्रतिशत है। बड़े पैमाने पर हुई इन नियुक्तियों से पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने में मदद मिली है।
बिहार पुलिस में सिपाही के साथ-साथ सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई), अवर निरीक्षक (एसआई), निरीक्षक और अन्य पदों पर भी नियुक्तियां की जा रही हैं। इनमें कई तकनीकी पद भी शामिल हैं। पुलिस विभाग में विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
स्कूल-कॉलेजों के पास दिखेंगी ‘पुलिस दीदी’
डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस की नई व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्कूल और कॉलेजों के आसपास ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती की नई व्यवस्था की गई है। इसके लिए 1,500 स्कूटी खरीदने का आदेश शुक्रवार को जारी कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इन स्कूटियों की आपूर्ति 15 दिनों के भीतर होने की उम्मीद है। इसके बाद अगले एक महीने में पुलिसकर्मियों को 3,100 बाइक भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कूल और कॉलेजों के आसपास पुलिस की मौजूदगी को मजबूत करना है।
महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ी
डीजीपी ने कहा कि बिहार पुलिस को पिछले कुछ वर्षों में बड़े स्तर पर मजबूत किया गया है। राज्य में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या देशभर में सबसे अधिक है। महिला पुलिस बल की भागीदारी बढ़ाने के लिए होमगार्ड में भी उनकी भर्ती की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में इंस्पेक्टरों को डीएसपी के पद पर प्रोन्नति दी गई है। इसके साथ ही सिपाही, एएसआई और एसआई के पदों पर भी नियुक्तियां की जा रही हैं। विभाग में तकनीकी दक्षता की जरूरत को देखते हुए तकनीकी पदों पर भी भर्ती की जा रही है।
कानून-व्यवस्था और अनुसंधान पर रहेगा जोर
बिहार पुलिस में बढ़ती नियुक्तियों का एक प्रमुख उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाना तथा पुलिस अनुसंधान की प्रक्रिया को समय पर पूरा करना है। डीजीपी ने कहा कि पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की उपलब्धता से जिलों में पुलिस की क्षमता बढ़ेगी।
बड़े स्तर पर भर्ती के साथ पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देकर सेवा में शामिल करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। इससे पुलिस बल की संख्या और कार्यक्षमता दोनों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
बिहार के युवाओं के लिए क्यों बड़ी खबर?
बिहार में सरकारी नौकरी को लेकर युवाओं के बीच लंबे समय से काफी आकर्षण रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सरकारी सेवाओं में चयन के लिए वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। सरकारी नौकरी को रोजगार के साथ सामाजिक प्रतिष्ठा और स्थिर करियर के नजरिए से भी देखा जाता है।
बिहार पुलिस में नौकरी की तैयारी करने वाले युवक-युवतियों के लिए 26,574 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें अलग-अलग श्रेणियों के पद शामिल हैं। दारोगा और चालक सिपाही के पदों के अलावा पुलिस विभाग के अन्य पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।
भर्ती प्रक्रिया पर डीजीपी का बड़ा लक्ष्य
डीजीपी विनय कुमार के मुताबिक, अगले दो से ढाई महीने में 26,574 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देकर पुलिस सेवा में शामिल किया जाएगा। ऐसे में आने वाले समय में बिहार पुलिस में नए पुलिसकर्मियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
बिहार पुलिस में लगातार हो रही नियुक्तियों के साथ विभाग की ओर से वाहनों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। 1,500 स्कूटी और 3,100 बाइक की व्यवस्था इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
