erere | Source: erereनई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर युवाओं से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का गंभीर आरोप लगाते हुए एक बार फिर देशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। पार्टी का कहना है कि 25 जुलाई को जिस समझौते और आश्वासन के आधार पर देशव्यापी आंदोलन वापस लिया गया था, सरकार अब उन वादों को पूरा करने से पीछे हट रही है। CJP ने कहा है कि यदि सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में FIR की पूरी सूची का मुद्दा

CJP की लीगल टीम और पार्टी नेताओं के अनुसार, 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की पूरी सूची मांगी थी। पार्टी का दावा है कि अदालत ने यह सूची तीन बार मांगी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इसे सौंपने को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई गई।

CJP के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल कर सभी मुकदमों को एक साथ रद्द करना चाहता था। पार्टी का कहना है कि यदि सभी मामलों की पूरी सूची उपलब्ध करा दी जाती तो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना आसान होता।

पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि अदालत की ओर से बार-बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद केंद्र सरकार ने सूची उपलब्ध कराने को लेकर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। इसी आधार पर CJP ने सरकार पर आंदोलन के दौरान किए गए वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया है।

25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के पीछे क्या था समझौता?

CJP नेताओं के अनुसार, 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त करने से पहले सरकार के साथ बातचीत हुई थी। इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो प्रमुख वादों का उल्लेख किया गया था। पार्टी का कहना है कि इन्हीं आश्वासनों के आधार पर देशव्यापी आंदोलन वापस लिया गया था।

पहला मुद्दा छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों से संबंधित था। CJP का दावा है कि आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर को तत्काल वापस या रद्द किया जाना था। साथ ही भविष्य में उनके खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने का आश्वासन भी दिया गया था।

दूसरा मुद्दा NEET परीक्षा से जुड़े विवाद में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का था। CJP के मुताबिक, सरकार की ओर से ऐसे परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा देने का वादा किया गया था।

CJP का आरोप- लिखित आश्वासन नहीं मिला

कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि सरकार के वार्ता दल की ओर से अब तक इन वादों पर हुई प्रगति को लेकर कोई औपचारिक लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद सरकार युवाओं से किए गए आश्वासनों को पूरा करने में गंभीरता नहीं दिखा रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के सह-संयोजक सौरव दास और लीगल अफेयर्स लीड रत्ना सिंह ने सरकार पर युवाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आंदोलन खत्म कराने के दौरान जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी, उन्हें अब पूरा किया जाना चाहिए।

24 अगस्त को CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक

इन परिस्थितियों के बीच CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक 24 अगस्त को बुलाई गई है। इस बैठक में सरकार के साथ हुए समझौते और अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही पार्टी आगे की रणनीति पर फैसला करेगी।

CJP ने कहा है कि वादों को पूरा कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इनमें दोबारा देशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करना भी शामिल है। ऐसे में 24 अगस्त की बैठक को पार्टी की आगे की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बताया पहली सफलता

CJP ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी पहली सफलता बताया है। पार्टी का कहना है कि आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों के संदर्भ में यह उसकी पहली उपलब्धि थी। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।

CJP के अनुसार, जब तक युवाओं से किए गए एक-एक वादे को पूरा नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। पार्टी ने आंदोलन के दौरान उठाई गई अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए आगे भी दबाव बनाए रखने की बात कही है।

छात्रों और युवाओं से तैयार रहने की अपील

CJP ने देशभर के छात्रों, युवाओं और अपने कार्यकर्ताओं से 24 अगस्त की राष्ट्रीय कार्यसमिति के फैसलों के लिए तैयार रहने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि बैठक में मौजूदा स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यदि राष्ट्रीय कार्यसमिति दोबारा आंदोलन शुरू करने का निर्णय लेती है तो उसकी अगली रणनीति और स्वरूप बैठक के बाद सामने आएगा। फिलहाल पार्टी ने केंद्र सरकार से आंदोलन वापस लेने के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की मांग दोहराई है।

अब 24 अगस्त पर टिकी नजर

CJP की ओर से केंद्र सरकार पर लगाए गए वादाखिलाफी के आरोपों के बीच अब सबकी नजर 24 अगस्त को होने वाली राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक पर है। पार्टी ने साफ किया है कि वह अपने अनुसार किए गए वादों के पूरा होने तक संघर्ष जारी रखने के पक्ष में है। ऐसे में 24 अगस्त की बैठक में लिया जाने वाला फैसला CJP की आगे की रणनीति और संभावित देशव्यापी आंदोलन की दिशा तय कर सकता है।