भोपाल में UCC के विरोध | Source: Chrome

भोपाल में UCC के विरोध।Source : Chrome

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर विरोध तेज हो गया है। भोपाल में मुस्लिम संगठनों और जॉइंट एक्शन कमेटी ने एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन कर सरकार से प्रस्तावित ड्राफ्ट वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना सभी समुदायों से व्यापक चर्चा किए ऐसा कानून लागू करना धार्मिक स्वतंत्रता और पर्सनल लॉ से जुड़े अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।

भोपाल में UCC के खिलाफ जुटे मुस्लिम संगठन

भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुस्लिम संगठनों, उलेमाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान जॉइंट एक्शन कमेटी ने समान नागरिक संहिता के प्रस्तावित मसौदे पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की। आयोजकों का कहना था कि यह केवल किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा विषय है।

शरीयत में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के निकाह, तलाक, विरासत और पारिवारिक मामलों से जुड़े नियम शरीयत और कुरान के अनुसार निर्धारित हैं। उनका तर्क था कि इन विषयों पर एक समान कानून लागू करने से धार्मिक परंपराओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शरीयत में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा और विरोध संवैधानिक दायरे में जारी रहेगा।

अनुच्छेद 25 का दिया हवाला

वक्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद-25 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने और धार्मिक परंपराओं के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता देता है। उनका कहना था कि यदि UCC के जरिए पर्सनल लॉ में बदलाव किया जाता है तो यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है।

संवाद की जरूरत पर दिया जोर

बैठक में कई वक्ताओं ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई भी फैसला लेने से पहले सभी धर्मों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उनका मानना था कि सहमति और संवाद के जरिए ही किसी भी कानून को प्रभावी बनाया जा सकता है।

पूर्व डीजी शेख वजीर अंसारी ने भी रखी राय

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजी शेख वजीर अंसारी भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी, आर्थिक चुनौतियों और अन्य कई अहम मुद्दे मौजूद हैं, जिन पर प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है। उनके अनुसार, UCC को लेकर समाज के एक वर्ग में चिंता है, इसलिए इस विषय पर व्यापक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होनी चाहिए।

शायर विजय तिवारी ने भी जताई चिंता

अंतरराष्ट्रीय शायर विजय तिवारी ने कहा कि किसी भी नए कानून को लागू करने से पहले सभी समुदायों की भावनाओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से पुनर्विचार करने और सभी पक्षों को विश्वास में लेकर आगे बढ़ने की अपील की।

सरकार से ड्राफ्ट वापस लेने की मांग

कार्यक्रम के अंत में जॉइंट एक्शन कमेटी ने सरकार से प्रस्तावित UCC ड्राफ्ट फिलहाल वापस लेने की मांग दोहराई। समिति का कहना था कि सभी धार्मिक संगठनों, विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए।