कोलकाता: पश्चिम बंगाल की महिलाओं के लिए सरकार की ओर से बड़ी खबर सामने आई है। अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 3,000 रुपये की राशि भेजी जा रही है। 17 अगस्त से अगस्त महीने की किस्त ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, सभी महिलाओं के खाते में पैसा एक साथ नहीं आएगा। भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
इस योजना को लेकर महिलाओं के बीच काफी चर्चा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकार हर महीने 3,000 रुपये क्यों दे रही है और इसका फायदा किन महिलाओं को मिलेगा?
पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए अन्नपूर्णा योजना शुरू की है। इसका मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें अपने खर्चों के लिए कुछ अतिरिक्त सहारा देना है। योजना के तहत पात्र महिला को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह पैसा सीधे बैंक खाते में DBT यानी Direct Benefit Transfer के जरिए भेजा जाता है।
सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस योजना के लिए 25 से 60 साल की उम्र की महिलाएं पात्र हो सकती हैं। साथ ही महिला इनकम टैक्स देने वाली नहीं होनी चाहिए और कुछ सरकारी नौकरी या नियमित सरकारी वेतन/पेंशन जैसी श्रेणियों में नहीं होनी चाहिए।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त की किस्त के लिए करीब 1.45 करोड़ पात्र महिलाओं को 3,000 रुपये दिए जाने हैं। सरकार इसके लिए करीब 4,350 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। भुगतान एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है।
सरकार की तरफ से लाभार्थियों की जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा रहा है। इसी वजह से कुछ महिलाओं के खाते में पैसा पहुंचने में समय लग सकता है।
इस बार करीब 17 लाख महिलाओं के नाम योजना से बाहर किए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यह कदम पात्रता की दोबारा जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उठाया गया है। सरकार का कहना है कि योजना का फायदा सही और पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। जिन लोगों के आवेदन खारिज हुए हैं, उनके लिए दोबारा आवेदन का रास्ता भी रखा गया है।
अन्नपूर्णा योजना को लेकर एक और खास बात यह है कि पहले लक्ष्मी भंडार योजना में शामिल कई महिलाओं को नई योजना में स्थानांतरित किया गया है। यानी पहले से लाभ लेने वाली पात्र महिलाओं को दोबारा पूरी प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत नहीं हो सकती है। हालांकि, नए आवेदकों के लिए पात्रता और सत्यापन जरूरी है।
फिलहाल सरकार की ओर से अगस्त की 3,000 रुपये की किस्त भेजने का काम जारी है। इसलिए अगर किसी पात्र महिला के खाते में अभी तक पैसा नहीं आया है, तो इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि उसका नाम कट गया है। भुगतान चरणबद्ध होने की वजह से राशि बाद में भी आ सकती है।
कुल मिलाकर, अन्नपूर्णा योजना के जरिए सरकार महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की कोशिश कर रही है। अब सबसे जरूरी बात यही है कि लाभार्थी अपना बैंक खाता, आधार से लिंकिंग और योजना में अपना नाम सही तरीके से जरूर
जांच लें।
