कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में जमीन सौदे से जुड़ा मामला अब पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंच गया है। कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया और अन्य लोगों के खिलाफ जमीन सौदे से जुड़े मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में कुल तीन लोगों के नाम शामिल हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित CSP के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पूरे मामले में धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक सांठगांठ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, एफआईआर में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
82.86 लाख की जमीन की 18.20 लाख रुपये में रजिस्ट्री का आरोप
यह पूरा मामला कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र में स्थित खसरा नंबर 2618/1 की जमीन के कथित सौदे से जुड़ा है। जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, शासकीय गाइडलाइन के मुताबिक इस जमीन की कीमत 82 लाख 86 हजार रुपये से अधिक थी। आरोप है कि पुलिसिया दबाव का इस्तेमाल करते हुए जमीन की रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपये में कराई गई। दस्तावेजों में इस राशि में 15 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 3.20 लाख रुपये नकद दिए जाने का उल्लेख बताया गया है।
जमीन सौदे में CSP और तत्कालीन थाना प्रभारी की भूमिका पर सवाल
इस मामले में कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के साथ तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिस कार्रवाई और दबाव का इस्तेमाल कर रमेश लोधी से जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। इसके बाद जमीन का नामांतरण भी कराया गया। मामले की जांच के दौरान जमीन के सौदे और उससे जुड़े लेनदेन को लेकर कई बिंदुओं की पड़ताल की गई।
हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद दर्ज हुई FIR
इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका खारिज होने के बाद प्राथमिकी दर्ज किए जाने की कार्रवाई हुई। यह कार्रवाई भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत पर जबलपुर जोन के निर्देशानुसार कुठला थाने में की गई। पुलिस और जांच एजेंसियों की ओर से सामने रखे गए आरोपों के आधार पर मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच में आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
जांच के बाद CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 198, 199(ब), 308(7) और 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। वहीं, तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर भी जांच में गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। मामले में दर्ज धाराएं आपराधिक सांठगांठ, पद के दुरुपयोग और धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों के संदर्भ में लगाई गई हैं।
जांच में बैंक खातों से जुड़ी जानकारी ने बढ़ाए सवाल
जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल की जांच में जमीन के कथित खरीदार के बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भी सामने आई। जांच के अनुसार, कागजों में खरीदार बने मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं थी। इसके बावजूद रजिस्ट्री के दिन उसके खाते में अलग-अलग खातों से रकम पहुंचाई गई।
रजिस्ट्री वाले दिन खाते में आए 15 लाख रुपये
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 को जमीन की रजिस्ट्री के दिन मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते में 'शाइन पार्टनर्स' से 10 लाख रुपये और क्षितिज राज बारापत्रे के खाते से 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस लेनदेन को जांच में महत्वपूर्ण बिंदु माना गया है। जांच के दौरान दोनों खातों में एक ही पैन कार्ड नंबर दर्ज होने की बात भी सामने आने का उल्लेख किया गया है। यही वजह है कि जमीन सौदे में पैसों के वास्तविक स्रोत और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं।
ट्रांसफर से अवैध वसूली के आरोप भी लग चुके हैं
CSP नेहा पच्चीसिया इससे पहले भी आरोपों के कारण चर्चा में रही हैं। उन पर ट्रांसफर से अवैध वसूली के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद कटनी एसपी ने उनसे तीन थानों का प्रभार ले लिया था। अब जमीन सौदे से जुड़े मामले में दर्ज एफआईआर ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौजूदा मामले में पुलिस कार्रवाई, कथित दबाव और जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया सख्त रुख
कटनी में सामने आए इस मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को संबंधित CSP के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर 21 अगस्त 2026 को किए गए पोस्ट में कहा गया कि कटनी में सामने आए गंभीर प्रकरण को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को संबंधित CSP के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कानून व्यवस्था में लापरवाही और पद के दुरुपयोग पर सख्त संदेश
मुख्यमंत्री की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इस बयान के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई को लेकर सरकार के रुख को स्पष्ट माना जा रहा है।
अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी नजर
कटनी का यह मामला जमीन की कीमत, रजिस्ट्री में दर्ज राशि, बैंक खातों से हुए लेनदेन और पुलिस अधिकारियों की कथित भूमिका से जुड़े कई गंभीर सवालों को सामने लाता है। फिलहाल मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और मुख्यमंत्री के निर्देश पर CSP के निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। आरोपों की पुष्टि जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालय में होने वाली आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
