rere | Source: ereनई दिल्ली। भारत के सबसे अमीर व्यक्ति के खिताब को लेकर मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के बीच मुकाबला एक बार फिर चर्चा में है। फोर्ब्स की रियल-टाइम अरबपतियों की सूची के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गौतम अडानी को पीछे छोड़कर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है। इस सूची में अंबानी की अनुमानित कुल संपत्ति 78.8 अरब डॉलर दर्ज की गई है, जबकि अडानी की संपत्ति 74.9 अरब डॉलर बताई गई है। दोनों उद्योगपतियों के बीच संपत्ति का अंतर 3.9 अरब डॉलर है।

अंबानी ने कैसे हासिल किया भारत में पहला स्थान?

फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स सूची में मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर लोगों में 25वें स्थान पर हैं। उनकी अनुमानित संपत्ति 78.8 अरब डॉलर है। वहीं, अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी 74.9 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ इस सूची में उनसे पीछे हैं।

दोनों उद्योगपतियों की संपत्ति में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान बदलता रहता है। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा कंपनियों में हिस्सेदारी और शेयरों के बाजार मूल्य से जुड़ा है। शेयर बाजार में कीमतें बढ़ने या घटने पर उनकी अनुमानित कुल संपत्ति में भी बदलाव होता है।

इस बार फोर्ब्स की सूची में अंबानी का नाम अडानी से ऊपर आने के बाद एक बार फिर भारत के शीर्ष अरबपतियों के बीच संपत्ति की प्रतिस्पर्धा सुर्खियों में है।

भारत के पांच सबसे अमीर अरबपतियों में कौन-कौन शामिल?

फोर्ब्स की सूची के अनुसार, भारत के पांच सबसे अमीर व्यक्तियों में मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के अलावा सावित्री जिंदल, लक्ष्मी मित्तल और शिव नादर भी शामिल हैं।

सावित्री जिंदल की अनुमानित संपत्ति 36.6 अरब डॉलर है। वह भारत के अमीर व्यक्तियों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं और दुनिया के अरबपतियों की सूची में 64वें नंबर पर बताई गई हैं।

वहीं, लक्ष्मी मित्तल की कुल संपत्ति 30.6 अरब डॉलर और शिव नादर की संपत्ति 27.4 अरब डॉलर दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारत के शीर्ष उद्योगपतियों के बीच संपत्ति का अंतर काफी बड़ा है। हालांकि, शेयर बाजार और कारोबारी परिस्थितियों में बदलाव के साथ इनकी रैंकिंग भी बदल सकती है।

अंबानी और अडानी से भी आगे निकले चीन के झांग यिमिंग

भारत के दो सबसे बड़े अरबपतियों के बीच मुकाबले के बीच एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में चीन के झांग यिमिंग का नाम सामने आया है। फोर्ब्स की सूची के मुताबिक, टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस के संस्थापक झांग यिमिंग की अनुमानित संपत्ति 84 अरब डॉलर है।

इस संपत्ति के साथ वह एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बताए गए हैं। उनकी संपत्ति मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, दोनों से अधिक है। सूची में अंबानी एशिया में दूसरे और अडानी तीसरे स्थान पर हैं।

झांग यिमिंग की संपत्ति का प्रमुख आधार बाइटडांस में उनकी हिस्सेदारी है। बाइटडांस टिकटॉक की मूल कंपनी है और वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती है। इस तरह भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल करने के बावजूद अंबानी एशिया के शीर्ष स्थान पर नहीं पहुंच सके।

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति कौन हैं?

फोर्ब्स की रियल-टाइम सूची में एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी अनुमानित संपत्ति 1.007 ट्रिलियन डॉलर बताई गई है। यह आंकड़ा एक ट्रिलियन डॉलर से भी अधिक है।

अरबपतियों की वैश्विक रैंकिंग में मस्क की संपत्ति और भारतीय उद्योगपतियों की संपत्ति के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। हालांकि, इन आंकड़ों को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि अरबपतियों की कुल संपत्ति का आकलन उनकी कंपनियों में हिस्सेदारी, शेयरों के मूल्य और अन्य निवेशों के आधार पर किया जाता है।

आखिर हर दिन कैसे बदल जाती है अरबपतियों की संपत्ति?

फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स सूची दुनिया के प्रमुख अरबपतियों की अनुमानित संपत्ति और उनकी रैंकिंग में होने वाले बदलावों पर नजर रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें कारोबारी दिन के दौरान या बाजार में बदलाव के बाद संपत्ति में हुई अनुमानित बढ़ोतरी और गिरावट दिखाई जा सकती है।

किसी अरबपति की कुल संपत्ति का बड़ा हिस्सा उसकी कंपनियों के शेयरों में निवेश के रूप में हो सकता है। ऐसे में शेयर बाजार में तेजी आने पर उसकी संपत्ति का अनुमानित मूल्य बढ़ जाता है। इसके विपरीत, शेयरों की कीमत गिरने पर संपत्ति का मूल्य भी कम हो सकता है।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उद्योगपति के पास किसी कंपनी के 10 करोड़ शेयर हैं और एक शेयर की कीमत 1,000 रुपये है, तो उसकी हिस्सेदारी का कुल बाजार मूल्य 10,000 करोड़ रुपये होगा। यदि शेयर की कीमत बढ़कर 1,100 रुपये हो जाती है, तो उसी हिस्सेदारी का मूल्य बढ़कर 11,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। इस स्थिति में शेयरों के मूल्य में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से हिस्सेदारी का मूल्य 1,000 करोड़ रुपये बढ़ जाएगा।

संपत्ति बढ़ने का मतलब बैंक खाते में नकदी बढ़ना नहीं

अरबपतियों की संपत्ति में होने वाली बढ़ोतरी को सीधे नकद कमाई के रूप में नहीं समझना चाहिए। शेयरों की कीमत बढ़ने से उनकी हिस्सेदारी का बाजार मूल्य बढ़ सकता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उतनी ही रकम उनके बैंक खाते में जमा हो गई है।

वास्तविक नकदी प्राप्त करने के लिए किसी निवेश या हिस्सेदारी को बेचने जैसी प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए फोर्ब्स की सूची में दिखाई जाने वाली कुल संपत्ति मुख्य रूप से अनुमानित नेटवर्थ होती है, जो बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।

भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब फिर चर्चा में

फोर्ब्स की रियल-टाइम अरबपतियों की सूची के मुताबिक, मुकेश अंबानी ने गौतम अडानी को पीछे छोड़कर भारत में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, चीन के झांग यिमिंग एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं और एलन मस्क वैश्विक सूची में शीर्ष पर हैं।

अरबपतियों की रैंकिंग में होने वाला यह बदलाव बताता है कि कंपनियों के मूल्यांकन और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का उनकी अनुमानित संपत्ति पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए अंबानी और अडानी के बीच भारत में पहले स्थान की प्रतिस्पर्धा पर आगे भी नजर बनी रहेगी।