सबा फिरदौस
मध्य प्रदेश की राजनीति में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने खंडवा जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार पाने के लिए AI से फर्जी तस्वीरें बनाकर असली हालात को छुपाया गया।

कांग्रेस का दावा है कि जमीन पर सिर्फ दो फीट गहरे गड्ढे थे, जिन्हें AI की मदद से बड़े कुओं के रूप में दिखाया गया और इन्हीं तस्वीरों के आधार पर अवॉर्ड हासिल किया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे “स्मार्ट करप्शन” बताते हुए बीजेपी सरकार पर हमला बोला।
वहीं जिला प्रशासन ने आरोपों को खारिज किया है। जिला पंचायत CEO नागार्जुन बी. गौड़ा ने माना कि ‘कैच द रेन’ पोर्टल पर 21 AI जनरेटेड तस्वीरें अपलोड हुई थीं, लेकिन इसे तकनीकी गलती बताया। उन्होंने कहा कि पुरस्कार वास्तविक कामों की जांच और केंद्रीय टीम के फील्ड निरीक्षण के बाद ही मिला है।
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में खंडवा को जल संरक्षण में देशभर में पहला स्थान मिला था और दो करोड़ रुपये की इनामी राशि दी गई थी। अब इस पूरे अवॉर्ड प्रोसेस पर सियासी सवाल उठने लगे हैं।
