आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों और उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र चाहर के बीच हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। आरोप है कि आरपीएफ के साथ स्टेशन पर सक्रिय लपकों ने भी नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें प्लेटफॉर्म पर काफी दूर तक घसीटा। Agra Cantt RPF Controversy: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन विवाद पर गरमाई सियासत, पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे BJP सांसद राजकुमार चाहर | Source: Dainik jagaran.com

Agra Cantt RPF Controversy: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन विवाद पर गरमाई सियासत, पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे BJP सांसद राजकुमार चाहरSource : Dainik jagaran.com

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ युवक जवानों के साथ दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें रेलवे कर्मचारी स्टेशन पर सक्रिय लपके बता रहे हैं।

दूसरी ओर, आरपीएफ जवान जितेंद्र का फटी वर्दी में एक वीडियो भी सामने आया है। रेलवे कर्मचारियों का दावा है कि मामला बढ़ता देख जवान ने बचाव के लिए खुद अपनी वर्दी फाड़कर वीडियो वायरल किया। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही रविवार शाम रेलवे कर्मचारियों और समाज के सैकड़ों लोग डीआरएम कार्यालय पहुंच गए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

रेलवे कर्मचारियों का आरोप है कि आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की मिलीभगत से लंबे समय से लपके सक्रिय हैं। बताया जाता है कि ये लोग अधिकतर ऑटो चालक हैं, जो प्लेटफॉर्म पर ही यात्रियों और पर्यटकों को अपने साथ ले जाने की कोशिश करते हैं। रविवार को हुई घटना के बाद इन आरोपों को फिर बल मिला। हीराकुंड एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर रोकने को लेकर हुए विवाद के बाद उप स्टेशन प्रबंधक के साथ कथित मारपीट और उन्हें घसीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे उप स्टेशन प्रबंधक के समाज के करीब 300 लोग डीआरएम कार्यालय पहुंच गए। प्रदर्शन में उनकी पत्नी और अन्य परिजन भी शामिल रहे। बढ़ते हंगामे को देखते हुए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। रात करीब आठ बजे भाजपा सांसद राजकुमार चाहर भी वहां पहुंचे। उन्होंने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उप स्टेशन प्रबंधक ने एक महिला यात्री के हित में ट्रेन रुकवाई थी।

सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि किसी सरकारी अधिकारी के साथ इस तरह मारपीट करना और उसे घसीटना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता, जबकि यहां कानून की रक्षा करने वालों पर ही कानून हाथ में लेने का आरोप लग रहा है। सांसद ने बताया कि उन्होंने डीआरएम और आरपीएफ कमांडेंट से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

आरपीएफ के खिलाफ रेलवे कर्मचारियों का प्रदर्शन

उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र चाहर के साथ कथित अभद्रता और मारपीट की घटना के विरोध में नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन ने जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग उठाई।

यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की समयबद्ध और पारदर्शी जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उनका कहना था कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करना भी जरूरी है। प्रदर्शन का नेतृत्व मंडल मंत्री सुकेश यादव और मंडल अध्यक्ष विजय सिंह ने किया। इस दौरान नीरज परिहार, ब्रजपाल, अभिमन्यु, रवींद्र*समेत बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी मौजूद रहे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

घुटनों पर बैठकर माफी की मांग

घटना की सूचना मिलने के बाद उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र चाहर की पत्नी भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति के साथ आरपीएफ जवानों ने जिस तरह का व्यवहार किया, वैसा सलूक अपराधियों के साथ भी नहीं किया जाता। उन्होंने मांग की कि मारपीट में शामिल आरपीएफ जवान सार्वजनिक रूप से घुटनों के बल बैठकर माफी मांगें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

विवाद के चलते छूटी ट्रेन

इस पूरे घटनाक्रम का असर यात्रियों पर भी पड़ा। विवाद के कारण दंपती आशीष कुमार और रंजीता की भुवनेश्वर जाने वाली ट्रेन छूट गई। आशीष कुमार ने बताया कि वह पेशे से अकाउंटेंट हैं और लुधियाना से लौटते समय पत्नी के साथ आगरा कैंट स्टेशन पर सामान लेने उतरे थे। इसी दौरान विवाद शुरू हो गया और उन्हें काफी देर तक वहीं रुकना पड़ा। उन्होंने बताया कि कार्रवाई पूरी होने तक उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके चलते उनकी ट्रेन निकल गई।