तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने बागी नेताओं को लेकर बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि वे नेता, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी थी, दोबारा टीएमसी में शामिल किए जाते हैं, तो वह एक घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उनका यह बयान पार्टी के भीतर अनुशासन और निष्ठा को लेकर सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
Abhishek Banerjee Big Statement: 'TMC छोड़ने वाले नेताओं की पार्टी में वापसी हुई तो एक घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा'Source : NDtv.com
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग उनके विरोध में टीएमसी छोड़कर गए थे, यदि उन्हें फिर से पार्टी में जगह दी जाती है, तो उनके लिए पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहेगा। उन्होंने बिना किसी विधायक या सांसद का नाम लिए कहा कि कुछ नेताओं ने उस दौर में पार्टी छोड़ी थी, जब टीएमसी कठिन राजनीतिक परिस्थितियों का सामना कर रही थी और सत्ता में नहीं थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कुछ नेताओं पर प्रशासन और जांच एजेंसियोंकी ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इसी दबाव और उकसावे के कारण कई नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ने का फैसला किया। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लिए बिना कहा कि ऐसे लोगों की वापसी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं होगी।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि टीएमसी के हजारों कार्यकर्ताओं ने हर मुश्किल दौर में पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और पूरे समर्पण के साथ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की निष्ठा और जनता के विश्वास के दम पर ही पार्टी मजबूत बनी रही। ऐसे में संकट के समय पार्टी छोड़ने वालों की वापसी उन कार्यकर्ताओं के मनोबल को प्रभावित कर सकती है, जिन्होंने हर परिस्थिति में संगठन के लिए काम किया।
कुछ नेताओं ने भाजपा से समझौता किया था: अभिषेक बनर्जी
बागी नेताओं पर हमला जारी रखते हुए अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि टीएमसी छोड़ने वाले कुछ नेताओं ने भाजपा के साथ समझौता किया था। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को पार्टी छोड़ने, अलग गुट बनाने या भाजपा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। अभिषेक का दावा है कि उन्हें ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से राहत दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके बदले उनसे उनके खिलाफ बयान देने और उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने के लिए कहा गया।
TMC के कई नेताओं ने पार्टी से बनाई Shar
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व और संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का कहना है कि मौजूदा संकट की एक बड़ी वजह संगठन के भीतर बढ़ता असंतोष और नेतृत्व को लेकर मतभेद हैं। सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी पार्टी से दूरी बना ली है।
दूसरी ओर, काकोली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में टीएमसी के 20 सांसदों ने अलग गुट बनाकर एनडीए को समर्थन देने का दावा किया है। इस गुट में **शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बसुनिया, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, शताब्दी रॉय, जून मालिया, माला रॉय, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, बापी हलदार, मिताली बाग, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, असित मल, देव अधिकारी और पार्थ भौमिक समेत कई सांसदों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इधर, एनसीपीआई (NCPI) को एक अलग राजनीतिक दल के रूप में मान्यता देने की प्रक्रिया को सरकार का समर्थन मिल गया है। सुदीप बंद्योपाध्याय को लोकसभा में एनसीपीआई का नेता और डॉ. काकोली घोष दस्तिदार को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के रूप में मान्यता दी गई है। सरकार की ओर से उन्हें सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भी भेजा गया है।
