Source: Pinterest

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कोरोना महामारी के समय लोगों की सुरक्षा और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए लॉन्च किया गया Aarogya Setu ऐप अब पूरी तरह नए रूप में वापस आ गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 29 जून 2026 को Aarogya Setu 2.0 लॉन्च किया। अब यह ऐप सिर्फ कोरोना से जुड़ी जानकारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड संभालने वाला एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा। सरकार का कहना है कि इस ऐप में Google के Gemma 4 AI मॉडल का इस्तेमाल किया गया है, जिससे मेडिकल रिपोर्ट को आसानी से डिजिटल रिकॉर्ड में बदला जा सकेगा। इसका मकसद लोगों को एक ही जगह पर स्वास्थ्य से जुड़ी लगभग सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

AI की मदद से मिनटों में तैयार होगा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड

अक्सर लोगों के पास डॉक्टर की पर्चियां, लैब रिपोर्ट, एक्स-रे, स्कैन और दूसरे मेडिकल दस्तावेज अलग-अलग फाइलों या मोबाइल में पड़े रहते हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें ढूंढने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है । Aarogya Setu 2.0 इसी परेशानी को दूर करने की मदद करेगा।

इस ऐप में Google के Gemma 4 AI और Medical Data Toolkit का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से PDF, फोटो, स्क्रीनशॉट या स्कैन की गई मेडिकल रिपोर्ट को पढ़कर डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड में बदला जाएगा। यानी अगर किसी मरीज के पास कई साल पुरानी रिपोर्ट भी है, तो उसे ऐप में अपलोड करने के बाद वह व्यवस्थित तरीके से हमेशा के लिए सेव हो जाएगी। इससे डॉक्टर को मरीज की बीमारी का पूरा रिकॉर्ड एक जगह देखने में आसानी होगी और इलाज भी पहले से बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

एक ही ऐप में मिलेंगी कई जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं रेकॉर्ड

Aarogya Setu 2.0 को सिर्फ मेडिकल रिकॉर्ड रखने वाला ऐप नहीं बनाया गया है। इसमें कई ऐसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिनका इस्तेमाल लोग रोजमर्रा की जिंदगी में कर सकेंगे।

इस ऐप से ABHA Health ID बनाई जा सकेगी और पुराने हेल्थ रिकॉर्ड भी इससे जोड़े जा सकेंगे। अस्पताल पहुंचने पर Scan & Register फीचर की मदद से रजिस्ट्रेशन जल्दी किया जा सकेगा। इसके अलावा स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड को ऐप से जोड़कर हार्ट रेट, रोज चले गए कदम, कैलोरी, ब्लड शुगर जैसी जानकारी भी देखी जा सकेगी।

अगर कोई व्यक्ति आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) का लाभार्थी है, तो वह अपने हेल्थ कवर और उससे जुड़ी जानकारी भी इसी ऐप में देख सकेगा। साथ ही निजी स्वास्थ्य बीमा से जुड़े अपडेट भी यहां उपलब्ध होंगे।

डॉक्टर, अस्पताल, ब्लड बैंक और एंबुलेंस की जानकारी भी मिलेगी

सरकार ने इस ऐप में ऐसी सुविधाएं भी जोड़ी हैं, जिनसे इलाज के समय लोगों को काफी मदद मिल सकती है। ऐप की मदद से आसपास के डॉक्टर और अस्पताल आसानी से खोजे जा सकेंगे। PM-JAY से जुड़े अस्पतालों की जानकारी भी लोकेशन के आधार पर मिल जाएगी।

अगर किसी मरीज को खून की जरूरत हो तो e-RaktKosh के जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि किस ब्लड बैंक में कौन-सा ब्लड ग्रुप उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस बुक करने की सुविधा भी ऐप में दी गई है। इसके अलावा दवा समय पर लेने के लिए रिमाइंडर भी लगाया जा सकेगा, जिससे मरीज अपनी दवा लेना नहीं भूलेंगे।

परिवार के सभी सदस्यों का रिकॉर्ड रहेगा एक ही जगह

Aarogya Setu 2.0 में एक ऐसा फीचर भी दिया गया है, जिससे एक ही अकाउंट में परिवार के कई सदस्यों की प्रोफाइल जोड़ी जा सकेगी। इससे बच्चों, बुजुर्गों या ऐसे लोगों का मेडिकल रिकॉर्ड संभालना आसान होगा, जो खुद ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाते।

इसके अलावा यूजर यह भी तय कर सकेगा कि उसका हेल्थ डेटा किस डॉक्टर, अस्पताल या संस्था के साथ साझा किया जाए। सरकार का कहना है कि बिना अनुमति किसी के साथ स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा नहीं की जाएगी और डेटा शेयरिंग पर पूरा नियंत्रण यूजर के पास रहेगा।

कोरोना ऐप से डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म बनने तक का सफर

Aarogya Setu को साल 2020 में कोरोना संक्रमण की पहचान और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए लॉन्च किया गया था। बाद में जब महामारी का असर कम हुआ तो सरकार ने इसे बंद करने के बजाय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस्तेमाल करने का फैसला किया। इसके बाद इस ऐप को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत विकसित किया गया और अब इसे AI आधारित हेल्थ प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के मुताबिक, देश में अब तक 90 करोड़ से ज्यादा ABHA अकाउंट बनाए जा चुके हैं और 100 करोड़ से अधिक डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड उनसे जोड़े जा चुके हैं। सरकार का मानना है कि Aarogya Setu 2.0 आने वाले समय में भारत के डिजिटल हेल्थ सिस्टम को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।