वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के हालिया बयान ने पार्टी के अंदर सियासी हलचल बढ़ा दी है। अय्यर ने साफ शब्दों में कहा कि वे महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू की विचारधारा में विश्वास रखते हैं, लेकिन खुद को “राहुलवादी” नहीं मानते।

कुछ दिनों पहले अय्यर ने पिनराई विजयन की तारीफ करते हुए कहा था कि वे चाहते हैं कि विजयन दोबारा केरल के मुख्यमंत्री बनें। इस बयान के बाद भी कांग्रेस में विवाद शुरू हो गया था। अब उनके ताजा बयान ने पार्टी के भीतर बहस को और तेज कर दिया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अय्यर का यह बयान कांग्रेस की अंदरूनी विचारधारा और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को फिर से सामने ले आया है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है।