वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के हालिया बयान ने पार्टी के अंदर सियासी हलचल बढ़ा दी है। अय्यर ने साफ शब्दों में कहा कि वे महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू की विचारधारा में विश्वास रखते हैं, लेकिन खुद को “राहुलवादी” नहीं मानते।
कुछ दिनों पहले अय्यर ने पिनराई विजयन की तारीफ करते हुए कहा था कि वे चाहते हैं कि विजयन दोबारा केरल के मुख्यमंत्री बनें। इस बयान के बाद भी कांग्रेस में विवाद शुरू हो गया था। अब उनके ताजा बयान ने पार्टी के भीतर बहस को और तेज कर दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अय्यर का यह बयान कांग्रेस की अंदरूनी विचारधारा और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को फिर से सामने ले आया है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है।
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Rehan Fajal
मैं “कलमलोक”, बक्सर (बिहार) से जुड़ा एक पत्रकार हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है। मेरा प्रयास रहता है कि स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को सटीक, निष्पक्ष और तथ्यपरक तरीके से पाठकों तक पहुँचाऊँ। सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाना ही मेरा उद्देश्य है।