ereer | Source: erereमुंबई। बढ़ता वजन आज के समय में बड़ी संख्या में लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। मुंबई के 42 वर्षीय बैंकर मुंदर पाटिल भी लंबे समय तक इसी समस्या से जूझते रहे। रोजाना बाहर का खाना, घंटों बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधि की कमी के चलते उनका वजन बढ़कर करीब 96.5 किलो हो गया था। पहले से रक्तचाप की दवा लेने वाले मुंदर ने जब स्वास्थ्य जांच कराई तो रिपोर्ट ने उन्हें अपनी जीवनशैली पर गंभीरता से सोचने के लिए मजबूर कर दिया।

स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट ने बदल दिया नजरिया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 से पहले कराई गई जांच में मुंदर का एचबीए1सी स्तर 7.4 दर्ज किया गया था। उनके रक्त में वसा से जुड़ी जांच भी सामान्य नहीं थी। इसके बाद हृदय से संबंधित कई जांच कराई गईं, जिनमें एक धमनी में लगभग 60 प्रतिशत तक रुकावट सामने आई। चिकित्सकीय सलाह के बाद दवाएं शुरू की गईं। इन रिपोर्टों ने मुंदर को अपनी रोजमर्रा की आदतों में बड़ा बदलाव करने के लिए प्रेरित किया।

पिज्जा-बर्गर से बनाई दूरी

मुंदर की पुरानी दिनचर्या में पिज्जा, बर्गर, मोमोज और शॉरमा जैसे बाहर के खाद्य पदार्थ अक्सर शामिल रहते थे। वजन घटाने की शुरुआत उन्होंने ऐसे भोजन से दूरी बनाकर की। उन्होंने जंक फूड छोड़ने के साथ ही मैदा और अतिरिक्त चीनी का सेवन भी काफी कम कर दिया।

इसके स्थान पर उन्होंने अपने भोजन में प्रोटीन और रेशे से भरपूर खाद्य पदार्थों को जगह दी। अंडे, चिकन, मछली, दही, दलिया, सब्जियां और मेवे जैसे विकल्प उनकी दिनचर्या का हिस्सा बनने लगे।

दिन में तीन बार पैदल चलने की बनाई आदत

सिर्फ भोजन में बदलाव करने के बजाय मुंदर ने अपनी शारीरिक गतिविधि भी बढ़ाई। उन्होंने नियमित पैदल चलना शुरू किया। सुबह करीब चार किलोमीटर, दोपहर के भोजन के बाद दो किलोमीटर और रात के भोजन के बाद करीब पांच किलोमीटर चलने की आदत बनाई। इसके अलावा उन्होंने व्यायाम को भी अपनी दिनचर्या में शामिल किया।

छोटी-छोटी आदतों में भी उन्होंने बदलाव किया। जहां संभव होता, वहां लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने लगे। इससे उनकी दैनिक गतिविधि बढ़ी और शरीर पहले की तुलना में अधिक सक्रिय रहने लगा।

नींद के समय को भी किया तय

मुंदर ने अपनी नींद की दिनचर्या पर भी ध्यान दिया। उन्होंने सोने और जागने का समय व्यवस्थित किया तथा रात में सोने से कई घंटे पहले भोजन पूरा करने की आदत अपनाई। नियमित नींद और भोजन के समय में अनुशासन को उन्होंने अपनी नई जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

20 किलो वजन घटाकर पहुंचे 76 किलो

लगातार इन बदलावों को अपनाने के बाद मुंदर पाटिल ने करीब 20 किलो वजन कम किया। उनका वजन लगभग 96 किलो से घटकर 76 किलो तक पहुंच गया। वजन कम होने के साथ उन्हें अपने शरीर और दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव महसूस हुआ। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी कुछ दवाएं भी बाद में बंद हुईं।

मुंदर की कहानी यह दिखाती है कि रोजमर्रा की आदतों में लगातार और अनुशासित बदलाव वजन प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि किसी व्यक्ति को वजन घटाने, व्यायाम या दवाओं में बदलाव का निर्णय चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए, खासकर तब जब हृदय या रक्तचाप से जुड़ी समस्या मौजूद हो।