trtr | Source: rtrनई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन लगातार असफलताओं के बीच अपने लक्ष्य पर टिके रहना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। रुपाली सुराना की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। पांच बार परीक्षा में असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने छठे प्रयास में सफलता हासिल कर भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी बनीं। उनकी इस उपलब्धि में कड़ी मेहनत के साथ परिवार और पति से मिले सहयोग की भी अहम भूमिका रही।

मिरांडा हाउस से शुरू हुआ सिविल सेवा का सफर

राजस्थान के ब्यावर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली रुपाली सुराना ने बचपन से ही सिविल सेवा में जाने का सपना देखा था। उनके पिता ने भी उन्हें आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। दिल्ली के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। भूगोल और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की राह पर कदम बढ़ाया।

2018 में पहला प्रयास, लेकिन चुनौतियों ने बढ़ाई मुश्किलें

रुपाली ने वर्ष 2018 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी। शुरुआती प्रयासों में उन्हें यह समझने में समय लगा कि दूसरों की तैयारी की रणनीति को बिना अपनी जरूरत के अनुसार बदले अपनाना सही तरीका नहीं है। समय प्रबंधन की कमी और परीक्षा के दौरान मानसिक दबाव ने भी उनकी चुनौतियां बढ़ाईं। एक प्रयास में परीक्षा हॉल में अचानक दिमाग सुन्न पड़ जाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ।

CSAT में असफलता ने बढ़ाया दबाव

रुपाली के लिए यूपीएससी की सिविल सेवा अभिक्षमता परीक्षा (CSAT) बड़ी चुनौती बन गई थी। गणित में कमजोरी और परीक्षा के बदलते स्वरूप के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वर्ष 2020 के प्रयास में CSAT में असफलता ने उनकी चिंता और बढ़ा दी। लगातार पांच प्रयासों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के कारण उन पर सामाजिक और पारिवारिक दबाव भी बढ़ने लगा। इसके बावजूद उन्होंने अपने सपने को छोड़ने के बजाय अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन पर काम करने का फैसला किया।

IPS अधिकारी अमृत जैन से विवाह के बाद मिला नया संबल

रुपाली के जीवन में विवाह के बाद एक नया मोड़ आया। उनकी शादी आईपीएस अधिकारी अमृत जैन से हुई। पति और ससुराल पक्ष से मिले सहयोग ने उन्हें दोबारा पूरे आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने में मदद की। अमृत जैन ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया और उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सुधार के सुझाव दिए। इससे रुपाली को अपनी तैयारी की कमियों को समझने और मुख्य परीक्षा के साथ साक्षात्कार की तैयारी बेहतर बनाने में सहायता मिली।

छठे प्रयास में बदली किस्मत, AIR 386 के साथ बनीं IRS अधिकारी

रुपाली ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में तैयारी की रणनीति में बदलाव किया। उन्होंने CSAT पर विशेष ध्यान दिया और गणित की बुनियादी समझ मजबूत करने के लिए स्कूली स्तर की एनसीईआरटी पुस्तकों का सहारा लिया। इसके साथ ही उन्होंने निबंध लेखन पर भी काम किया और मुख्य परीक्षा में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का प्रयास किया। उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2023 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 386 हासिल की। इस सफलता के साथ उनका भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में चयन हुआ।

असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने की मिसाल बनीं रुपाली

रुपाली सुराना की सफलता की कहानी बताती है कि लगातार असफल होना किसी लक्ष्य का अंत नहीं है। अपनी गलतियों को पहचानना, तैयारी की रणनीति बदलना और जरूरत के समय सहयोग स्वीकार करना भी सफलता की राह का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पांच असफल प्रयासों के बाद छठे प्रयास में अधिकारी बनने तक का उनका सफर उन अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान निराशा का सामना कर रहे हैं।