पटना, 20 अगस्त। बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान का रास्ता साफ हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य में 11 लाख 18 हजार 937 नए पक्के मकान बनाए जाएंगे। इन मकानों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार बिहार को 13,427 करोड़ रुपये की सहायता देगी। पटना में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस लक्ष्य से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा।
इसी कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 में बनकर तैयार हुए 2 लाख 35 हजार प्रधानमंत्री आवासों का गृह प्रवेश कराया गया। लाभुकों को उनके नए घर की चाबी सौंपी गई और नए चयनित लाभुकों को स्वीकृति पत्र दिए गए। कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण विकास विभाग की ओर से सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में किया गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना केवल आवास देने की योजना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने नए लक्ष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया।
1986-2014 में 30 लाख, 2014-2026 में 50 लाख मकानों का आवंटन
मुख्यमंत्री ने बिहार में आवास निर्माण के आंकड़ों की तुलना करते हुए कहा कि वर्ष 1986 से 2014 तक इंदिरा आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए 30 लाख पक्के मकान बनाए गए थे। इसके मुकाबले वर्ष 2014 से 2026 के बीच बिहार के गरीब परिवारों के लिए 50 लाख पक्के मकान बनाने का अलॉटमेंट किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 के सर्वे में 19 लाख परिवार ऐसे मिले थे, जो पक्के मकान से वंचित रह गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से इन परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दायरे में लाया गया है।
योजना के तहत बनने वाले मकानों में 40 प्रतिशत राशि बिहार सरकार की ओर से दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि विकास का लाभ हर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचे। सभी परिवारों के पास अपना पक्का मकान होगा, तभी बिहार को समृद्ध और देश को विकसित बनाने का लक्ष्य पूरा होगा।
6.42 लाख आवेदन, 96 फीसदी का निष्पादन
मुख्यमंत्री ने 'सहयोग कार्यक्रम' के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत लोगों के आवेदनों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया गया है। अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 96 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में आवेदन का निष्पादन नहीं करने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अब तक 9,500 पदाधिकारियों को प्रथम नोटिस, 950 को द्वितीय नोटिस और 350 पदाधिकारियों को तृतीय नोटिस जारी किया गया है।
1.81 करोड़ जीविका दीदियों का नेटवर्क
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ 81 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं। इनमें 30 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से बिहार के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष हाट विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने नालंदा, बक्सर, भागलपुर और मोतिहारी जैसे स्थानों पर इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बिहार के ग्रामीण इलाकों को और व्यवस्थित एवं विकसित करने के लिए केंद्र से मिल रहे सहयोग की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान से बिहार का लगातार दौरा करते रहने और राज्य के ग्रामीण विकास में सहयोग जारी रखने का आग्रह किया।
शिवराज ने 'सहयोग कार्यक्रम' को सराहा
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार में ग्रामीण विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने 'सहयोग कार्यक्रम' को प्रभावी पहल बताते हुए कहा कि दूसरे राज्यों को भी इससे सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने बिहार में महिला सशक्तीकरण के लिए जीविका के माध्यम से किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि बड़ी संख्या में जीविका दीदियों की सालाना आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर और पौधों में जल अर्पित कर की। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की उपलब्धियों, प्रगति और प्रमुख पहलों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री को हरितगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, लाभुक और उनके परिजन मौजूद रहे।
