विदेश दौरे से लौटते ही आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। करीब 11 महीने बाद हो रही इस मोदी कैबिनेट बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में केंद्र सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे। देश और दुनिया से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जिस पर पूरे राजनीतिक जगत की नजर बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और उसका भारत पर प्रभाव रहेगा। हाल के दिनों में क्षेत्र में लगातार बिगड़ते हालात के कारण वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी है। तेल की कीमतों, व्यापारिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की नीति पर भी चर्चा हो सकती है।

इसके अलावा कैबिनेट बैठक में देश की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा भी की जा सकती है। माना जा रहा है कि सरकार आने वाले समय के लिए नई प्राथमिकताएं तय करेगी। कई मंत्रालय अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री के सामने पेश कर सकते हैं और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर भी बातचीत होगी।

प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में अपने विदेश दौरे से लौटे हैं, जहां उन्होंने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों, निवेश और वैश्विक हालात पर चर्चा की थी। विदेश यात्रा के दौरान भारत की कूटनीतिक भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया। ऐसे में दौरे के तुरंत बाद होने वाली यह कैबिनेट बैठक और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और आर्थिक चुनौतियों को लेकर बड़े फैसलों की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। सरकार की नजर एक ओर वैश्विक संकट पर है तो दूसरी ओर देश के विकास कार्यों को गति देने पर भी फोकस किया जा रहा है। बैठक के बाद सरकार की ओर से अहम घोषणाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।