पटना:

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार बढ़ते विवादों और पेपर लीक के आरोपों के बीच मशहूर शिक्षक Khan Sir ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर तीखा हमला बोला है। छात्रों के बीच आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए खान सर ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “10 रुपये वाला बच्चों का डायपर लीक नहीं होता, लेकिन इनका पेपर लीक हो जाता है।” उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और छात्र समुदाय के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

खान सर ने अपने संबोधन में कहा कि लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सबसे जरूरी होनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे छात्रों के करियर से जुड़ा मामला है।

उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि बाजार में मिलने वाला एक छोटा सा प्रोडक्ट भी सुरक्षित रहता है, लेकिन देश की बड़ी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र सुरक्षित नहीं रह पाते। उनके इस बयान पर वहां मौजूद छात्रों ने जोरदार तालियां बजाईं। कार्यक्रम में कई छात्रों ने भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

खान सर ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय छात्रों पर पड़ता है। कई छात्र सालों तक तैयारी करते हैं, कोचिंग और पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन जब परीक्षा रद्द होती है या गड़बड़ी सामने आती है तो उनका मनोबल टूट जाता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि छात्रों के सपनों के साथ खिलवाड़ है।

हाल के समय में कई बड़ी परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं। कुछ परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप लगे, जबकि कुछ मामलों में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे। इन घटनाओं के बाद देशभर में छात्रों ने प्रदर्शन भी किए। सोशल मीडिया पर भी परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार बहस चल रही है।

खान सर ने कहा कि अगर समय रहते परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो छात्रों का भरोसा धीरे-धीरे खत्म हो सकता है। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से अपील की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

सोशल मीडिया पर खान सर का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने उनकी बातों का समर्थन किया। कई यूजर्स ने लिखा कि खान सर वही बोल रहे हैं जो देश का हर छात्र महसूस कर रहा है। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।

हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सिर्फ बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार की जरूरत है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है और हर साल करोड़ों छात्र इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

दूसरी ओर, NTA की तरफ से पहले भी कई बार कहा जा चुका है कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। एजेंसी का दावा है कि तकनीकी निगरानी, डिजिटल सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों पर सख्त व्यवस्था लागू की जा रही है। हालांकि, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने कई मौकों पर इन दावों पर सवाल उठाए हैं।

राजनीतिक स्तर पर भी पेपर लीक का मुद्दा लगातार उठता रहा है। विपक्ष सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ लापरवाही का आरोप लगाता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल खान सर का यह बयान इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। छात्रों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर कब तक पेपर लीक और परीक्षा विवादों का सिलसिला चलता रहेगा। कई छात्र अब परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव और ज्यादा पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।