भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार Dinesh Lal Yadav Nirahua आज करोड़ों की संपत्ति और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे संघर्ष की ऐसी कहानी छिपी है जिसे जानकर हर कोई भावुक हो जाता है। कभी ऐसा दौर था जब उनके पिता मात्र 3700 रुपये की सैलरी में 7 लोगों का परिवार चलाते थे। वहीं आज वही निरहुआ अपनी बेटी को करोड़ों की लग्जरी Defender कार गिफ्ट कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, निरहुआ ने हाल ही में अपनी बेटी अदिति को जन्मदिन के खास मौके पर लग्जरी Defender कार गिफ्ट की। बताया जा रहा है कि उनकी बेटी लाइमलाइट से दूर रहती हैं और बॉक्सिंग में रुचि रखती हैं। सोशल मीडिया पर इस खबर के सामने आते ही फैंस निरहुआ की सफलता की कहानी को लेकर चर्चा करने लगे।
निरहुआ ने कई इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट्स में अपने संघर्ष भरे दिनों का जिक्र किया है। उन्होंने बताया था कि उनके पिता कोलकाता के एक कारखाने में मजदूरी करते थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उस समय घर में कुल 7 सदस्य थे और पिता की तनख्वाह सिर्फ 3700 रुपये थी। परिवार का खर्च बड़ी मुश्किल से चलता था। कुछ आमदनी खेती से आती थी और बाकी पिता के भेजे पैसों से घर संभलता था।
एक किस्सा तो ऐसा भी है जिसने निरहुआ की जिंदगी बदल दी। जब वह पढ़ाई के लिए कोलकाता में थे, तब दमदम एयरपोर्ट पर 20 रुपये देकर लोगों को हवाई जहाज दिखाया जाता था। निरहुआ भी अपने पिता के साथ प्लेन देखने पहुंचे थे, लेकिन टिकट लेने के बाद उन्हें पता चला कि यह सुविधा बंद हो चुकी है। उस दिन की निराशा ने उनके अंदर कुछ बड़ा करने का जुनून जगा दिया। उन्होंने ठान लिया कि एक दिन वह खुद फ्लाइट में सफर करेंगे और जिंदगी में बड़ा मुकाम हासिल करेंगे।
गरीबी और संघर्ष के बीच निरहुआ ने अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर सिंगिंग की दुनिया में कदम रखा। उनके बड़े भाई का उन्हें पूरा साथ मिला। साल 2003 में रिलीज हुए उनके एल्बम ‘निरहुआ सटल रहे’ ने उन्हें भोजपुरी इंडस्ट्री में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक हिट फिल्मों और गानों से भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए।
आज निरहुआ सिर्फ अभिनेता ही नहीं बल्कि राजनीति में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पास करोड़ों की संपत्ति है। मुंबई में आलीशान फ्लैट, गोरखपुर में कमर्शियल प्रॉपर्टी और कई लग्जरी गाड़ियां उनके कलेक्शन का हिस्सा हैं। अब Defender कार भी उनके परिवार की शान बन चुकी है।
निरहुआ की कहानी इस बात का उदाहरण है कि मेहनत और लगन से इंसान किस तरह गरीबी से निकलकर सफलता की बुलंदियों तक पहुंच सकता है। कभी 20 रुपये देकर भी प्लेन नहीं देख पाने वाले निरहुआ आज अपनी बेटी को करोड़ों की लग्जरी कार गिफ्ट कर रहे हैं और लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
