पटना में जेडीयू दफ्तर के पास लगे अहम चुनावी पोस्टरों को अचानक हटा दिया गया है, जिनमें “25 से 30, फिर से नीतीश” जैसे नारे शामिल थे। ये वही नारे थे जिनके आधार पर एनडीए को विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिली थी। पोस्टर हटने के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अभी नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी नहीं दिया है, लेकिन उनके नाम से जुड़े पोस्टर हटाए जा रहे हैं।
सहनी का दावा है कि बीजेपी शुरू से ही नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती थी और चुनाव जीतने के बाद अब अपनी योजना पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही वे नेता, जो आज नीतीश कुमार की तारीफ कर रहे हैं, उन्हें नजरअंदाज कर देंगे।
उन्होंने बीजेपी पर बिहार की कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। सहनी के अनुसार, चुनाव के दौरान किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया है और सत्ताधारी दल केवल सत्ता की राजनीति में लगा हुआ है।
सहनी ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने बिहार की सत्ता पर कब्जा करने के लिए नीतीश कुमार को जबरन दिल्ली भेजने की रणनीति अपनाई है और जनता के मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
