तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पिछले कुछ समय से लगातार अपने खास ब्लैक एंड व्हाइट लुक को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही विजय ज्यादातर सार्वजनिक कार्यक्रमों, सरकारी बैठकों और राजनीतिक मंचों पर काले और सफेद रंग के कोट-सूट में नजर आए हैं। उनके इस बदले हुए अंदाज को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लगातार चर्चा हो रही थी। कई लोग इसे नया राजनीतिक ब्रांडिंग मॉडल बता रहे थे, तो कुछ इसे किसी बड़े राजनीतिक संदेश से जोड़कर देख रहे थे।इन तमाम चर्चाओं के बीच अब खुद मुख्यमंत्री विजय ने अपने इस खास पहनावे को लेकर खुलकर जवाब दिया है। तिरुचिरापल्ली में आयोजित एक बड़ी जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि लोग लगातार उनके कोट-सूट को लेकर सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन इसके पीछे कोई दिखावा या विशेष रहस्य नहीं है। विजय ने कहा कि जैसे उनकी राजनीति साफ और सीधे रास्ते पर चलने की बात करती है, वैसे ही उनका पहनावा भी ब्लैक एंड व्हाइट है, जो पारदर्शिता और सादगी का प्रतीक है।
CM विजय ने क्या कहा?
रैली को संबोधित करते हुए विजय ने कहा क्या हम कोट-सूट नहीं पहन सकते? क्या यह सिर्फ बड़े पदों पर बैठे लोगों के लिए ही है? ऐसा कुछ नहीं है।उन्होंने आगे कहा कि वे जानबूझकर केवल काले और सफेद रंग का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह उनके राजनीतिक सोच को दर्शाता है।विजय के मुताबिक,मैं कई रंग नहीं पहन रहा हूं। सिर्फ ब्लैक और व्हाइट पहनता हूं, क्योंकि मैं अपनी राजनीति और कामकाज में पारदर्शिता और सादगी रखना चाहता हूं।
क्यों हो रही थी इतनी चर्चा?
दरअसल, तमिलनाडु की राजनीति में पारंपरिक रूप से सफेद शर्ट और वेस्टी (धोती) पहनने की परंपरा रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का लगातार ब्लैक एंड व्हाइट सूट पहनना लोगों का ध्यान खींच रहा था।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय का यह लुक पारंपरिक राजनीति से अलग एक नई पहचान बनाने की कोशिश भी हो सकता है। कुछ लोग इसे बदलाव, आधुनिक नेतृत्व और युवा राजनीति की छवि से जोड़कर भी देख रहे हैं।
राजनीतिक संदेश भी छिपा है?
विजय ने अपने भाषण में यह भी संकेत दिया कि काला रंग तमिल राजनीति में एक खास वैचारिक पहचान रखता है और लोग उसके अर्थ को पहले से जानते हैं। हालांकि उन्होंने इसे विस्तार से नहीं समझाया, लेकिन उनके बयान को द्रविड़ राजनीति और तमिल राजनीतिक प्रतीकों से जोड़कर देखा जा रहा है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विजय अपने पहनावे के जरिए खुद को पारंपरिक नेताओं से अलग और एक नए दौर के नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
