तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी पीएम मोदी के साथ पहली आधिकारिक मुलाकात थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब मेकेदातु प्रोजेक्ट को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। इससे पहले सीएम विजय ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कर्नाटक सरकार के बांध निर्माण प्रस्ताव को रोकने की मांग की थी।

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान सीएम विजय ने गृह मंत्रालय से सरकारी कार्यक्रमों को लेकर जारी सर्कुलर में बदलाव करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से होनी चाहिए। फिलहाल कई कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गाया जाता है।

सीएम विजय ने प्रधानमंत्री मोदी को नीदरलैंड्स से चोल राजवंश के ऐतिहासिक ताम्रपत्र वापस लाने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।


बैठक के बाद सीएम विजय दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को काफी अहम मान रहे हैं, क्योंकि यह सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात नहीं बल्कि कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा का मंच भी रही।

दरअसल, कर्नाटक सरकार रामनगर जिले के कनकपुरा इलाके में मेकेदातु बांध बनाने की योजना पर काम कर रही है। तमिलनाडु सरकार का कहना है कि यह परियोजना कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ हो सकती है।

सीएम विजय का कहना है कि किसी भी नई परियोजना को शुरू करने से पहले तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे निचले हिस्से के राज्यों की सहमति जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करे।