कॉफी को लेकर लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि ज्यादा कॉफी पीने से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है। कई लोग कैफीन को इसका सबसे बड़ा कारण मानते हैं, क्योंकि यह पेशाब की मात्रा बढ़ा सकता है। लेकिन अब नई रिसर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय इस धारणा को काफी हद तक गलत साबित कर रही है।

रिसर्च में क्या सामने आया?

अमेरिकन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च (AICR) की रिपोर्ट के मुताबिक, सीमित मात्रा में कॉफी पीना शरीर को डिहाइड्रेट नहीं करता। रिसर्च में बताया गया कि रेगुलर और डिकैफ (Decaf) दोनों तरह की कॉफी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकती हैं। कॉफी में मौजूद पानी की मात्रा कैफीन के हल्के डाइयूरेटिक प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर देती है।

चाय, पानी और स्पोर्ट्स ड्रिंक जैसा असर

रिसर्च में पुरुषों पर किए गए दो अलग-अलग अध्ययनों में पाया गया कि कॉफी पीने का असर शरीर में पानी की मात्रा पर लगभग वैसा ही था जैसा चाय, स्पोर्ट्स ड्रिंक, डाइट कोला या साधारण पानी का होता है। यानी सामान्य मात्रा में कॉफी पीने से शरीर में पानी की कमी के कोई खास संकेत नहीं मिले।

विशेषज्ञों के मुताबिक, दिन में 2 से 3 कप कॉफी यानी करीब 250 से 300 मिलीग्राम कैफीन का सेवन आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। रिसर्च में यह भी कहा गया कि इससे ज्यादा कॉफी पीने पर भी डिहाइड्रेशन का खतरा स्पष्ट रूप से साबित नहीं हुआ है।

कॉफी के फायदे भी आए सामने

AICR की रिपोर्ट के अनुसार, दिन में 3 से 5 कप कॉफी पीना टाइप-2 डायबिटीज के कम खतरे से जुड़ा पाया गया है। इसके अलावा कॉफी का संबंध एंडोमेट्रियल और लिवर कैंसर के कम जोखिम से भी देखा गया है। हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि कॉफी का सेवन उतनी ही मात्रा में करना चाहिए जिससे नींद पर असर न पड़े या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या न हो।

कब हो सकती है दिक्कत?

अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा कैफीन लेता है और पर्याप्त पानी नहीं पीता, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है। खासकर गर्मियों में, ज्यादा एक्सरसाइज करने पर या बीमारी के दौरान केवल कॉफी पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता। ऐसे समय में पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है।

नई रिसर्च के अनुसार, सीमित मात्रा में कॉफी पीना डिहाइड्रेशन की वजह नहीं बनता। बल्कि यह शरीर के दैनिक फ्लूइड इनटेक का हिस्सा बन सकती है। इसलिए अगर आप रोजाना संतुलित मात्रा में कॉफी पीते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बस ध्यान रखें कि शरीर को पर्याप्त पानी भी मिलता रहे।