बिहार के सीवान जिले के महाराजगंज नगर पंचायत में लंबे समय से सड़क और नालों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आम लोगों की शिकायतों और मानसून से पहले जलजमाव की आशंका को देखते हुए शुरू किया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान अब लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से कई जगहों पर सड़क और नालों से अवैध कब्जे हटाए, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।

दरअसल, नगर पंचायत क्षेत्र में कई जगहों पर सड़क किनारे अस्थायी दुकानें, टीन शेड, ठेले और अन्य निर्माण कर अवैध कब्जा कर लिया गया था। वहीं कुछ स्थानों पर नालों पर भी अतिक्रमण कर लिया गया था, जिससे पानी निकासी बाधित हो रही थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि सड़कें संकरी होने से रोज जाम की समस्या बनती थी और बारिश के दिनों में जलजमाव का खतरा बढ़ जाता था।

इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर पंचायत और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। पहले दिन कई जगहों को खाली कराया गया, वहीं दूसरे दिन भी प्रशासन का बुलडोजर एक्शन जारी रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन और मजदूरों की मदद से सड़क किनारे बने अस्थायी ढांचे और दुकानों को हटाया गया।

अभियान के दौरान नालों पर किए गए कब्जों को भी हटाया गया और सफाई का काम शुरू कराया गया, ताकि बरसात के मौसम में पानी निकासी की व्यवस्था सुचारु रह सके। प्रशासन का कहना है कि मानसून से पहले शहर को जलजमाव की समस्या से बचाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

अधिकारियों ने साफ कहा कि सार्वजनिक सड़क और नालों पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने दोबारा अतिक्रमण करने की कोशिश की, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्थानीय लोगों से शहर को साफ और व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई।

हालांकि, कुछ दुकानदारों ने कार्रवाई को लेकर नाराजगी भी जताई। उनका कहना है कि उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था मिलनी चाहिए। वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह अभियान लगातार जारी रहा, तो शहर में ट्रैफिक और जलजमाव की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

फिलहाल, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।