गर्मी के मौसम में धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन लगाना अब लोगों की डेली रूटीन का हिस्सा बन चुका है। लेकिन अक्सर लोग SPF 30 और SPF 50 देखकर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि आखिर इनमें फर्क क्या है और कौन सा ज्यादा बेहतर माना जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक SPF का मतलब “सन प्रोटेक्शन फैक्टर” होता है, जो यह बताता है कि आपकी सनस्क्रीन सूरज की हानिकारक UVB किरणों से त्वचा को कितनी सुरक्षा दे सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार अगर बिना सनस्क्रीन लगाए आपकी स्किन करीब 10 मिनट में धूप से प्रभावित होने लगती है, तो SPF 30 वाली सनस्क्रीन उस असर को काफी देर तक रोकने में मदद कर सकती है। वहीं SPF 50 थोड़ा ज्यादा प्रोटेक्शन देता है, लेकिन दोनों के बीच अंतर उतना बड़ा नहीं होता जितना लोग समझते हैं।
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि SPF 15 लगभग 93% UVB किरणों को ब्लॉक कर सकता है। वहीं SPF 30 करीब 97% और SPF 50 लगभग 98% तक सुरक्षा देने में मदद करता है। यानी SPF नंबर बढ़ने के साथ सुरक्षा बढ़ती जरूर है, लेकिन बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता। इसलिए सिर्फ हाई SPF देखकर सनस्क्रीन खरीद लेना सही फैसला नहीं माना जाता।
डर्मेटोलॉजिस्ट की मानें तो रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए SPF 30 वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन काफी अच्छी मानी जाती है। अगर आप रोज बाहर निकलते हैं, धूप में ज्यादा समय बिताते हैं या ऑफिस- कॉलेज के लिए ट्रैवल करते हैं, तो SPF 30 आपकी स्किन को अच्छी सुरक्षा दे सकता है। वहीं बीच ट्रिप, आउटडोर एक्टिविटीज या तेज धूप वाले इलाकों में SPF 50 बेहतर विकल्प माना जाता है।
जिन लोगों की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है या जिन्हें जल्दी सनबर्न हो जाता है, उन्हें हाई SPF सनस्क्रीन इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। हालांकि एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि सिर्फ SPF नंबर ही सबकुछ नहीं होता। सनस्क्रीन खरीदते समय यह देखना भी जरूरी है कि वह “ब्रॉड स्पेक्ट्रम” हो, यानी UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से सुरक्षा दे।
दरअसल UVA किरणें स्किन के अंदर तक असर डालती हैं और समय से पहले झुर्रियां, पिग्मेंटेशन और एजिंग जैसी समस्याओं की वजह बन सकती हैं। इसलिए अच्छी सनस्क्रीन वही मानी जाती है जो दोनों तरह की किरणों से बचाव दे सके। इसके अलावा वाटर-रेसिस्टेंट सनस्क्रीन पसीने और पानी के दौरान ज्यादा असरदार मानी जाती है।
डॉक्टरों का कहना है कि सनस्क्रीन लगाने का तरीका भी उतना ही जरूरी है जितना सही SPF चुनना। सनस्क्रीन घर से बाहर निकलने से लगभग 15-20 मिनट पहले लगानी चाहिए ताकि वह त्वचा पर अच्छी तरह सेट हो सके। चेहरे, गर्दन, हाथ और शरीर के खुले हिस्सों पर पर्याप्त मात्रा में सनस्क्रीन लगाना जरूरी माना जाता है।
