नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय पहलवान और भारतीय जनता पार्टी की नेता बबीता फोगाट के परिवार में एक बार फिर खुशियों ने दस्तक दी है। ‘दंगल गर्ल’ के नाम से मशहूर बबीता फोगाट दूसरी बार मां बन गई हैं। उन्होंने शिवरात्रि के पावन अवसर पर एक बेटी को जन्म दिया है। बेटी के जन्म की खुशखबरी बबीता फोगाट ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों के साथ साझा की। उन्होंने अपनी नन्हीं बेटी की पहली तस्वीर भी शेयर की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।
शिवरात्रि के दिन बेटी के जन्म से भावुक हुईं बबीता फोगाट
बबीता फोगाट ने अपनी बेटी के जन्म को बेहद खास बताते हुए उसे ‘पार्वती स्वरूप’ कहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बेटी की पहली झलक साझा करते हुए महादेव के प्रति आभार जताया। बबीता ने अपने संदेश में कहा कि महादेव की कृपा देखिए, शिवरात्रि के पवित्र दिन उनके जीवन में एक नन्ही परी का आगमन हुआ है।
उन्होंने अपनी बेटी को पार्वती स्वरूप बताते हुए कहा कि बेटी के रूप में मिली यह खुशी उनके और उनके परिवार के लिए अनमोल आशीर्वाद है। बबीता ने इस भावुक पल को शब्दों से परे बताया। शिवरात्रि के दिन बेटी के जन्म ने इस खुशी को उनके लिए और भी विशेष बना दिया है।
पांच साल बाद फिर घर में गूंजी किलकारी
बबीता फोगाट और विवेक सुहाग की शादी 1 दिसंबर 2019 को हुई थी। शादी के करीब दो साल बाद 2021 में दोनों पहली बार माता-पिता बने थे। उस समय उनके घर बेटे ने जन्म लिया था। अब करीब पांच साल बाद बेटी के जन्म के साथ परिवार में एक बार फिर खुशियों का माहौल है।
बेटी के जन्म के बाद फोगाट और सुहाग परिवार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। बबीता ने जिस तरह अपनी बेटी की पहली तस्वीर और भावनाएं प्रशंसकों के साथ साझा कीं, उससे साफ है कि यह पल उनके लिए बेहद खास और भावुक करने वाला है।
बलाली गांव से निकलकर दुनिया में बनाई अलग पहचान
बबीता फोगाट हरियाणा के चरखी दादरी जिले के बलाली गांव से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने कुश्ती के मैदान में अपनी मेहनत और उपलब्धियों के दम पर देश और दुनिया में अलग पहचान बनाई। हालांकि, उनकी पहचान सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय पहलवान तक सीमित नहीं है। वह देश की बेटियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा नाम भी मानी जाती हैं।
बबीता के पिता महावीर सिंह फोगाट ने अपनी बेटियों को उस समय कुश्ती का प्रशिक्षण दिया, जब समाज के एक बड़े हिस्से में लड़कियों के अखाड़े में उतरने को लेकर कई तरह की सामाजिक बंदिशें मौजूद थीं। महावीर सिंह फोगाट ने अपनी बेटियों को कुश्ती सिखाकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
बहनों के साथ मिलकर कुश्ती में रचा इतिहास
बबीता फोगाट ने अपनी बहनों गीता फोगाट और संगीता फोगाट के साथ-साथ अपनी चचेरी बहन विनेश फोगाट के साथ भी कुश्ती के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया। परिवार की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया और महिला कुश्ती को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बबीता ने महज 17 साल की उम्र में वर्ष 2006 में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। इसके बाद वर्ष 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भी उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया।
2014 में जीता राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक
बबीता फोगाट की खेल उपलब्धियों में वर्ष 2014 के ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने 55 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय कुश्ती में अपनी खास जगह बनाई। वह अपनी बड़ी बहन गीता फोगाट के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला पहलवान बनीं।
राष्ट्रमंडल खेलों के अलावा बबीता ने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप और विश्व चैंपियनशिप में भी कई पदक जीते। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय महिला कुश्ती के प्रमुख चेहरों में शामिल किया।
रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व
बबीता फोगाट ने वर्ष 2016 के रियो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धा करने के बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास लिया। खेल से दूरी बनाने के बाद भी सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता बनी रही।
कुश्ती से संन्यास लेने के बाद बबीता ने वर्ष 2019 में अपने पिता महावीर सिंह फोगाट के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस तरह उनका सार्वजनिक जीवन खेल के मैदान से आगे बढ़कर राजनीति तक पहुंचा।
खेल के बाद राजनीति में भी सक्रिय रहीं बबीता
बबीता फोगाट की यात्रा खेल, परिवार और सार्वजनिक जीवन के अलग-अलग पड़ावों से होकर गुजरी है। एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय कुश्ती के मंच तक पहुंचने के बाद उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा। उनकी जीवन यात्रा को महिला खिलाड़ियों और बेटियों के लिए संघर्ष और उपलब्धि की कहानी के तौर पर देखा जाता है।
अब उनके परिवार में बेटी के जन्म की खबर ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। खास बात यह है कि बबीता ने अपनी बेटी के जन्म के लिए शिवरात्रि के पवित्र दिन को महादेव के आशीर्वाद से जुड़ा बताया है। इसी वजह से उन्होंने अपनी नन्हीं बेटी को ‘पार्वती स्वरूप’ कहकर संबोधित किया।
सोशल मीडिया पर साझा की बेटी की पहली झलक
दूसरी बार मां बनने की खुशी बबीता फोगाट ने अपने प्रशंसकों से छिपाई नहीं। उन्होंने बेटी की पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अपने भाव व्यक्त किए। पोस्ट सामने आने के बाद उनके प्रशंसक और शुभचिंतक उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं।
बबीता की ओर से साझा की गई तस्वीर और भावुक संदेश ने उनके परिवार में आए इस नए सदस्य के प्रति उनकी खुशी को सामने रखा है। बेटे के जन्म के करीब पांच साल बाद बेटी के आने से परिवार के लिए यह अवसर और भी यादगार बन गया है।
‘दंगल गर्ल’ के लिए खास बना यह दिन
बबीता फोगाट की पहचान देश की उन महिला पहलवानों में होती है जिन्होंने सामाजिक चुनौतियों के बीच कुश्ती को अपना करियर बनाया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। अब उनकी व्यक्तिगत जिंदगी में भी एक नया अध्याय जुड़ गया है।
शिवरात्रि के दिन बेटी के जन्म और उसे ‘पार्वती स्वरूप’ बताने वाले बबीता के संदेश ने इस खुशी को खास बना दिया है। उनके परिवार में बेटे के बाद बेटी के आगमन से एक बार फिर उत्सव का माहौल है।
