केरल की राजनीति इन दिनों एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। राज्य में नेतृत्व का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, जहाँ वी. डी. सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। यह सिर्फ एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि उस राजनीतिक दिशा का संकेत है जिसकी ओर केरल आगे बढ़ेगा। इसी बीच, सबकी नज़र एक नाम पर टिकी थी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर।यह सवाल लगातार उठ रहा था कि क्या वह इस महत्वपूर्ण मौके पर मौजूद रहेंगे या नहीं।अब खुद थरूर ने इस पर विराम लगाते हुए साफ़ बताया है कि वे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे, और इसके पीछे की वजह उन्होंने खुलकर साझा की है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पुष्टि की है कि वे केरल के नए मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित नहीं रहेंगे।यह समारोह 18 मई को तिरुवनंतपुरम में आयोजित होगा, और कांग्रेस नेतृत्व के लिए यह एक अहम राजनीतिक क्षण माना जा रहा है।
थरूर ने अपनी अनुपस्थिति का कारण बताते हुए कहा कि वे इस समय अमेरिका यात्रा पर हैं। वे The Fletcher School of Law and Diplomacy (Tufts University) के ग्रेजुएशन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित हैं। इसके साथ ही, उनका वहाँ 50वीं क्लास री-यूनियन भी है दोनों कार्यक्रम पहले से तय थे और उन्हें बदलना संभव नहीं था।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे इस ऐतिहासिक अवसर को मिस करेंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने वी. डी. सतीशन को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि नया नेतृत्व केरल के लिए सकारात्मक बदलाव लाएगा।पार्टी सूत्रों के अनुसार, थरूर की यह अनुपस्थिति किसी राजनीतिक मतभेद का संकेत नहीं है, बल्कि उनकी पहले से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का हिस्सा है।
इसके बावजूद, राजनीतिक मामलों के जानकारो का मानना है कि राज्य की राजनीति में थरूर की प्रभावशाली भूमिका को देखते हुए, उनका इस समारोह में न होना चर्चा का विषय बना रहेगा।कांग्रेस कैंप अब इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह पार्टी की एकता और दिशा दोनों को दिखाने का अवसर होगा, भले ही थरूर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न हों।
