खुशबू खातून
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पीछे बुधवार को पुलिस गश्त के दौरान एक संदिग्ध हालत में खड़ी कार ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी। गश्त कर रही पुलिस टीम ने जब कार की तलाशी ली तो उसमें बैठे दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, कार में मौजूद दोनों युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए। पूछताछ के दौरान एक युवक ने खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़ा अधिकारी बताया और पहचान पत्र भी दिखाया। हालांकि, पुलिस को उसकी गतिविधियां और दस्तावेज़ संदेहास्पद लगे, जिसके बाद दोनों को थाने ले जाया गया।
गहन जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दोनों में से एक युवक जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का निवासी है, जबकि दूसरा नाबालिग है। जब युवक द्वारा दिखाए गए पहचान पत्र की बारीकी से जांच की गई तो वह फर्जी पाया गया। पुलिस ने उसके पास से एक नकली एनआईए पहचान पत्र भी बरामद किया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी युवक खुद को सुरक्षा एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देता था और इसी बहाने ठगी करता था। पुलिस का मानना है कि वह काफी समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी है। नाबालिग युवक से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है कि वह इस मामले में किस हद तक शामिल था। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी पहचान पत्र किसने तैयार किया और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को भी सूचित किया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। लाल किले जैसे संवेदनशील इलाके के पास इस तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
इस घटना के बाद पुलिस ने ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थलों के आसपास निगरानी और सख्त कर दी है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर संदेहास्पद गतिविधि करता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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