Vitamin D Benefits: पहले कैंसर का खतरा ज्यादातर बढ़ती उम्र के लोगों में देखा जाता था, लेकिन आज के समय में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं। वहीं, कीमोथेरेपी कैंसर के इलाज का एक सामान्य तरीका है, लेकिन इसका असर हर मरीज में एक जैसा नहीं होता। इसी बीच एक नई स्टडी ने उम्मीद की नई किरण दिखाई है। रिसर्च में सामने आया है कि एक खास विटामिन की सही मात्रा कैंसर से मौत के खतरे को कम करने में मददगार हो सकती है। खास बात यह है कि यह कोई महंगा इलाज नहीं, बल्कि आसानी से उपलब्ध विटामिन D है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सही मात्रा में विटामिन D लेने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है, जिससे कैंसर के इलाज के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

ब्राजील की रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

इसे लेकर ब्राजील की São Paulo State University में एक रिसर्च की गई। इस रिसर्च में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित 45 साल से अधिक उम्र की 80 महिलाओं को शामिल किया गया, जिनकी कीमोथेरेपी होने वाली थी। रिसर्च के दौरान महिलाओं को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को रोजाना 2,000 IU विटामिन D दिया गया, जबकि दूसरे समूह को प्लेसीबो यानी बिना असर वाली गोली दी गई।

6 महीने तक चली इस प्रक्रिया के बाद जो नतीजे सामने आए, उन्होंने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया।

विटामिन D लेने वाली महिलाओं में दिखा बेहतर असर

स्टडी में पाया गया कि जिन महिलाओं को विटामिन D दिया गया था, उनमें से 43 प्रतिशत महिलाओं में कीमोथेरेपी के बाद कैंसर के लक्षण बेहद कम या लगभग खत्म हो गए थे। वहीं, दूसरे समूह में यह आंकड़ा केवल 24 प्रतिशत रहा। इससे संकेत मिलता है कि विटामिन D कैंसर के इलाज में सहायक भूमिका निभा सकता है।

शरीर में विटामिन D बढ़ने से बेहतर हुए नतीजे

रिसर्च के दौरान यह भी सामने आया कि जिन महिलाओं को विटामिन D दिया गया था, उनके शरीर में पहले से इसकी कमी थी। जैसे-जैसे उनके शरीर में विटामिन D का स्तर बढ़ा, वैसे-वैसे इलाज के परिणाम भी बेहतर होते गए।

हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि विटामिन D का अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। ज्यादा मात्रा लेने से उल्टी, कमजोरी और किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

अभी और रिसर्च की है जरूरत

यह अध्ययन बताता है कि विटामिन D, कीमोथेरेपी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है और यह एक सस्ता व आसान विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे अभी पूरी तरह से स्थापित इलाज नहीं माना जा सकता। इस विषय पर और रिसर्च की जरूरत है, ताकि यह समझा जा सके कि विटामिन D कीमोथेरेपी के साथ मिलकर किस तरह असर करता है।

Disclaimer:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी तरह की बीमारी, दवा या सप्लीमेंट से जुड़ा फैसला लेने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी दवा या विटामिन का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।