गर्मी शुरू होते ही ज्यादातर घरों में दही का इस्तेमाल बढ़ जाता है। कोई इसे खाने के साथ रायते के रूप में खाता है, तो कोई लस्सी या दही-चावल बनाकर। दही शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन को भी बेहतर बनाता है, इसलिए इसे हेल्दी फूड माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजों के साथ दही खाना आपके पेट की सेहत बिगाड़ सकता है?

दरअसल, कई बार लोग स्वाद के लिए ऐसे फूड कॉम्बिनेशन बना लेते हैं, जो शरीर पर उल्टा असर डालते हैं। शुरुआत में इसका असर समझ नहीं आता, लेकिन धीरे धीरे गैस, पेट फूलना, अपच, एसिडिटी और सुस्ती जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। खास बात यह है कि आयुर्वेद में भी दही के साथ कुछ चीजें खाने से बचने की सलाह दी गई है।


खट्टे फलों के साथ दही खाना पड़ सकता है भारी

आजकल फ्रूट योगर्ट और दही में फलों का ट्रेंड काफी बढ़ गया है। लेकिन हर फल दही के साथ सही नहीं माना जाता। खासकर संतरा, अनानास, मौसंबी जैसे खट्टे फलों के साथ दही खाने से पेट में एसिड बढ़ सकता है। इससे कई लोगों को गैस, जलन और पेट दर्द की शिकायत होने लगती है।


दही और अचार का कॉम्बिनेशन

बहुत से लोग खाने की प्लेट में दही और अचार दोनों रखना पसंद करते हैं। स्वाद में यह कॉम्बिनेशन भले अच्छा लगे, लेकिन पेट के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अचार में ज्यादा तेल, नमक और मसाले होते हैं, जबकि दही ठंडी तासीर वाला माना जाता है। दोनों का असर अलग-अलग होने की वजह से पाचन गड़बड़ा सकता है।

प्याज वाला रायता हर किसी को सूट नहीं करता

गर्मियों में प्याज का रायता काफी पसंद किया जाता है। लेकिन कई लोगों को दही और प्याज का मेल सूट नहीं करता। इससे एलर्जी, स्किन रैशेज या एसिडिटी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अगर रायता खाने के बाद शरीर में खुजली या बेचैनी महसूस होती है, तो इस कॉम्बिनेशन से दूरी बनाना बेहतर हो सकता है।

दूध और दही साथ खाना सही नहीं

कई लोग दही खाने के तुरंत बाद दूध पी लेते हैं या दोनों को साथ में ले लेते हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि दोनों डेयरी प्रोडक्ट होने के बावजूद उनकी प्रकृति अलग होती है। इन्हें साथ लेने से पेट भारी हो सकता है और डाइजेशन स्लो पड़ सकता है।


अंडे और दही का मेल

हेल्दी डाइट के नाम पर कई लोग दही और अंडे को एक साथ खाना पसंद करते हैं। हालांकि दोनों में प्रोटीन भरपूर होता है, लेकिन कुछ लोगों में यह कॉम्बिनेशन पाचन को प्रभावित कर सकता है। इससे पेट फूलना, भारीपन और आलस महसूस हो सकता है।


तला-भुना खाना और दही

पराठे, पकौड़े या मसालेदार खाने के साथ दही खाना आम बात है। दही थोड़ी राहत जरूर देता है, लेकिन ज्यादा ऑयली और तली-भुनी चीजों के साथ इसका सेवन डाइजेशन को धीमा कर सकता है। कई बार खाना ठीक से पचता नहीं और शरीर में सुस्ती बनी रहती है।


रात में दही खाना क्यों माना जाता है गलत?

आयुर्वेद के अनुसार रात के समय दही खाना शरीर में कफ बढ़ा सकता है। इससे सर्दी-जुकाम, गले में खराश या भारीपन महसूस हो सकता है। इसलिए रात में सादा दही खाने की बजाय हल्की छाछ या कम मसाले वाला रायता बेहतर माना जाता है।

हालांकि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और हर किसी पर चीजों का असर भी अलग पड़ता है। लेकिन अगर दही खाने के बाद बार बार पेट खराब होना, गैस बनना या बेचैनी महसूस हो रही है, तो अपने खाने के कॉम्बिनेशन पर ध्यान देना जरूरी है। सही तरीके से और सही चीजों के साथ खाया गया दही ही शरीर को असली फायदा पहुंचाता है।