मलकाजगिरी में साइबर क्राइम पर बड़ी कार्रवाई: 6 गिरफ्तार, पीड़ितों को ₹32 लाख से ज्यादा लौटाए गए
हैदराबाद के मलकाजगिरी इलाके में साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी 12 अप्रैल से 18 अप्रैल के बीच सामने आए 6 अलग-अलग मामलों में शामिल थे। इन मामलों में मैट्रिमोनियल (शादी के नाम पर ठगी), ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम और निवेश (इन्वेस्टमेंट) धोखाधड़ी जैसे अपराध शामिल हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, एक मामले में आंध्र प्रदेश के रहने वाले कोलिकापुडी नागेंद्र बाबू नाम के व्यक्ति को पकड़ा गया। वह एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर खुद को दूल्हा बनकर पेश करता था और महिलाओं को शादी का झांसा देकर ठगता था। उसने एक महिला से करीब 86 लाख रुपये की ठगी की। जांच में यह भी सामने आया कि वह 2023 से इस तरह के अपराध कर रहा था और उसके खिलाफ पहले से भी 6 मामले दर्ज हैं।
दो अन्य मामलों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम के नए तरीके से ठगी की गई। इसमें आरोपी खुद को सीबीआई जैसे केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे। वे नकली वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट के कागज और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करवाते थे। इन मामलों में हैदराबाद की पगडाला स्वेता और विशाखापट्टनम के सप्पारापु वराहालबाबू को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों मामलों में पीड़ितों से क्रमशः 71.25 लाख और 35.8 लाख रुपये की ठगी की गई।
इसके अलावा, तीन और मामलों में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की गई। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन और नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच दिया। इन मामलों में पीड़ितों को 19.3 लाख से लेकर करीब 49.5 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ।
अच्छी बात यह रही कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अदालत की प्रक्रिया के जरिए करीब 32.73 लाख रुपये की रकम वापस दिलवाई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें, खासकर जब बात ऑनलाइन पैसे भेजने की हो। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑफर मिलने पर तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क
करें।
