समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी में नगर परिषद की ओर से अस्पताल के बाहर यात्रियों और मरीजों की सुविधा के लिए बनाए गए यात्री शेड की हालत सवालों के घेरे में है। लोगों का आरोप है कि जिस शेड को मरीजों और तीमारदारों को धूप-बारिश से राहत देने के लिए बनाया गया था, उसका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा। हालत यह है कि शेड में बैठने के लिए बेंच तक नहीं लगाई गई, जबकि अंदर भूसा रखा जा रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। लेकिन शेड में बैठने की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में धूप और गर्मी में सड़क किनारे खड़े रहने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि नगर परिषद ने शेड तो बनवा दिया, लेकिन बुनियादी सुविधाएं देने की तरफ ध्यान नहीं दिया गया।

भूसा रखने से और बढ़ी परेशानी

लोगों ने आरोप लगाया कि यात्री शेड का इस्तेमाल यात्रियों की सुविधा के बजाय भूसा रखने के लिए किया जा रहा है। इससे शेड का उद्देश्य ही खत्म होता नजर आ रहा है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल जैसी जगह पर ऐसी लापरवाही समझ से परे है, जहां लोगों को सबसे ज्यादा सुविधा की जरूरत होती है।

धूप में इंतजार करने को मजबूर लोग

स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में अस्पताल आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और मरीज सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। शेड होने के बावजूद लोग उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे, क्योंकि बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। कई लोग सड़क किनारे खड़े होकर या पेड़ की छांव में इंतजार करने को मजबूर हैं।

प्रशासन पर उठे सवाल

नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारियों ने शेड का निर्माण तो करा दिया, लेकिन उसके रखरखाव और उपयोग पर ध्यान नहीं दिया। आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

हालांकि, अब स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि यात्री शेड को खाली कराया जाए, बैठने के लिए बेंच लगाई जाए और इसे मरीजों व तीमारदारों के उपयोग के लायक बनाया जाए, ताकि अस्पताल आने वाले लोगों को राहत मिल सके।