पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले राज्य में सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले चुनावी सभाओं में नेताओं के बयान अब सीधे राजनीतिक हमलों में बदलते नजर आ रहे हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों को एक ही तरह की राजनीति करने वाला बताया है। दूसरे चरण के मतदान से पहले बंगाल में भाजपा, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन पूरी ताकत झोंक चुके हैं। यही वजह है कि चुनावी मंचों से लगातार तीखे बयान सामने आ रहे हैं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।


अमित शाह के बयान पर भड़कीं ममता बनर्जी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में बंगाल के आरामबाग में आयोजित एक चुनावी रैली में कहा था कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो “गुंडों को उल्टा लटका कर सीधा कर दिया जाएगा।” शाह का यह बयान सामने आते ही तृणमूल कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया। हुगली में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अमित शाह के बयान पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में डर और धमकी की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता बाहरी नेताओं की राजनीति को समझती है और उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है।


TMC ने चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग

तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने अमित शाह के बयान को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात कही है। पार्टी का कहना है कि इस तरह के बयान मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हैं। टीएमसी नेताओं ने दावा किया कि भाजपा बंगाल में हिंसा और भय का माहौल बनाकर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है, लेकिन राज्य की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।


राहुल गांधी ने ममता और मोदी दोनों को घेरा

बंगाल के हुगली जिले के सेरामपुर में चुनावी सभा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों पर एक साथ हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि ममता बनर्जी और नरेंद्र मोदी की राजनीति में कोई अंतर नहीं है, क्योंकि दोनों ही आम जनता की बजाय बड़े उद्योगपतियों और अमीर वर्ग के हितों को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल कभी देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र हुआ करता था, लेकिन पहले वामपंथी सरकारों और बाद में तृणमूल कांग्रेस की नीतियों ने राज्य की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया।

राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद को राष्ट्रवादी बताते हैं, लेकिन उनकी नीतियों ने देश के छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग को नुकसान पहुंचाया है।


नोटबंदी और GST का भी उठाया मुद्दा

राहुल गांधी ने अपनी रैली के दौरान नोटबंदी और जीएसटी को भी बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि इन फैसलों ने छोटे कारोबारियों, दुकानदारों और मध्यम वर्ग को भारी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों ने युवाओं के रोजगार के अवसर कम किए हैं।


दूसरे चरण पर टिकी सबकी नजर

29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में कई अहम सीटों पर वोटिंग होनी है। ऐसे में सभी दलों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। भाजपा जहां कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और घुसपैठ जैसे मुद्दों को उठा रही है, वहीं तृणमूल केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग और राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस और वाम दल खुद को तीसरे विकल्प के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरे चरण की वोटिंग से पहले साफ है कि बंगाल की चुनावी लड़ाई अब सिर्फ मुद्दों की नहीं, बल्कि तीखे राजनीतिक हमलों की भी बन चुकी है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।