दुनिया की राजनीति इस समय तीन बड़े खिलाड़ियों अमेरिका, चीन और रूस के बीच घूम रही है। एक तरफ अमेरिका वैश्विक नेतृत्व बनाए रखने की कोशिश में है, दूसरी तरफ चीन अपनी आर्थिक और राजनीतिक पकड़ बढ़ा रहा है, और तीसरी तरफ रूस अपने प्रभाव क्षेत्र को मजबूत करने में लगा है।इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से उनकी मुलाकात दुनिया के लिए एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।यह मुलाकात सिर्फ दो देशों की बातचीत नहीं है यह उस भविष्य की दिशा भी दिखाती है जिसमें वैश्विक शक्ति-संतुलन बदल सकता है। दुनिया की नज़र इस बात पर टिकी थी कि इस मुलाकात के बाद रूस क्या कहेगा। अब रूस की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ गई है, और उसने इस कूटनीतिक गतिविधि को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है।


रूस ने क्या कहा?

मॉस्को से आए बयान में क्रेमलिन ने कहा कि रूस Trump और Xi की मुलाकात को बहुत करीब से देख रहा है।रूसी सरकार के मुताबिक, अमेरिका और चीन के बीच होने वाली उच्च-स्तरीय बातचीत दुनिया की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संतुलन को प्रभावित करती है, इसलिए रूस उसका विश्लेषण कर रहा है।क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में रूस और चीन के बीच भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। ऐसे में रूस यह समझना चाहता है कि ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच किन विषयों पर चर्चा हुई और आगे कौन-से समाधान या विवाद निकल सकते हैं।


रूस इस मुलाकात पर इतना ध्यान क्यों दे रहा है?

अमेरिका और चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ हैं। दोनों के बीच संबंध बेहतर होते हैं या खराब इसका असर रूस की विदेश नीति पर पड़ता है।

रूस यह जानना चाहता है कि क्या अमेरिका और चीन के बीच किसी तरह का नया समझौता या साझेदारी बनने वाली है।रूस और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक, सैन्य और कूटनीतिक रिश्ते मजबूत हुए हैं।यह मुलाकात उन समीकरणों को प्रभावित कर सकती है इसलिए रूस सतर्क है।जल्द ही रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin भी चीन जाने वाले हैं।रूस यह समझना चाहता है कि ट्रंप–शी वार्ता में कौन-से मुद्दे सामने आए, ताकि पुतिन की बातचीत और रणनीति उसी के अनुसार तैयार की जा सके।अगर अमेरिका और चीन किसी मुद्दे पर करीब आते हैं, तो रूस पर दबाव बढ़ता है।अगर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है, तो रूस को रणनीतिक फायदा मिल सकता है।इसलिए रूस हर संकेत पढ़ रहा है।


Trump और Xi मुलाकात में क्या हुआ?

ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत मुख्य रूप से इन मुद्दों पर केंद्रित रही व्यापार और आर्थिक सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा वैश्विक सप्लाई-चेन साउथ चाइना सी तनाव अमेरिका चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा हालाँकि, अभी तक किसी बड़े समझौते का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन दोनों पक्षों ने संवाद जारी रखने पर सहमति जताई है।


राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार रूस की प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि वह दुनिया में बदलते ताकत के समीकरण को लेकर बेहद चौकन्ना है।रूस जानता है कि अमेरिका और चीन की हर बैठक उसके लिए अवसर भी ला सकती है और जोखिम भी।आने वाले महीनों में त्रिकोणीय रिश्ते अमेरिका, चीन और रूस वैश्विक राजनीति का बड़ा विषय बनेंगे।एक विश्लेषक का कहना है अमेरिका और चीन की बातचीत सिर्फ उनकी नहीं होती हर बार रूस के लिए भी एक संकेत छोड़ जाती है।


Trump और Xi मुलाकात भले ही अमेरिका और चीन के रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश हो, लेकिन इसका असली असर दुनिया की तीसरी बड़ी शक्ति रूस पर भी पड़ेगा।रूस की प्रतिक्रिया से साफ है कि वह इस मुलाकात को सिर्फ एक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाले महीनों की वैश्विक राजनीति का संकेत मान रहा है।