Overhydration: देशभर में बढ़ती गर्मी के साथ ऐसे मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, जहां लोग पानी तो खूब पीते हैं, लेकिन जरूरी खनिजों की कमी से बीमार पड़ जाते हैं. असल में पसीना सिर्फ पानी नहीं होता।
Can Drinking Too Much Water Be Dangerous:
गर्मी के दिनों में अक्सर लोग मानते हैं कि ज्यादा से ज्यादा पानी पीना ही शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे आसान तरीका है. लेकिन क्या सिर्फ पानी पीना ही काफी है? एक हालिया मामला इस सोच को पूरी तरह बदल देता है. आइए जानते हैं कि इस बारे में एक्सपर्ट क्या कहते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉ. रोमेल टिक्कू ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि एक 25 वर्षीय युवक पूरे दिन धूप में बाइक से घूमता रहा. खुद को हाइड्रेट रखने के लिए उसने करीब 5 लीटर पानी पिया, लेकिन दिनभर कुछ खाया नहीं. न फल, न कोई नमक वाला पेय, सिर्फ सादा पानी।
शुरुआत में उसे हल्का चक्कर और मतली महसूस हुई, जिसे उसने सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया. लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी हालत बिगड़ने लगी. बोलने में दिक्कत, ज्यादा नींद आना और उलझन जैसी समस्याएं शुरू हो गईं. जांच में पता चला कि उसके शरीर में सोडियम का स्तर खतरनाक रूप से गिर चुका था. इस स्थिति को तीव्र हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है।
क्यों होता है ऐसा?
यह कोई अकेला मामला नहीं है. बढ़ती गर्मी के साथ ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां लोग पानी तो अधिक मात्रा में पीते हैं, लेकिन शरीर में जरूरी खनिजों की कमी हो जाती है।
असल में पसीने के साथ सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि सोडियम, पोटैशियम और दूसरे जरूरी तत्व भी शरीर से बाहर निकलते हैं. जब शरीर में इन तत्वों की कमी होती रहती है और व्यक्ति केवल पानी पीता रहता है, तो खून में उनका संतुलन बिगड़ने लगता है. यही स्थिति आगे चलकर खतरनाक बन सकती है।
सोडियम की कमी से क्या दिक्कत होती है?
सोडियम की कमी खासतौर पर दिमाग के लिए खतरनाक मानी जाती है. जब शरीर में इसका स्तर कम होता है, तो सेल्स में पानी भरने लगता है, जिससे सूजन बढ़ सकती है।
शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, थकान, चक्कर और उलझन शामिल हो सकते हैं. गंभीर स्थिति में यह समस्या दौरे या बेहोशी तक पहुंच सकती है।
दूसरी तरफ, अगर कोई व्यक्ति पर्याप्त पानी नहीं पीता, तो शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ सकता है. इसे हाइपरनेट्रेमिया कहा जाता है. इसमें शरीर की सेल्स सिकुड़ने लगती हैं. इसके लक्षणों में ज्यादा प्यास लगना, मुंह सूखना, चिड़चिड़ापन और गंभीर मामलों में दौरे शामिल हो सकते हैं।
पोटैशियम भी है जरूरी
पोटैशियम भी शरीर के लिए बेहद जरूरी तत्व है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है. इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी, ऐंठन और दिल की धड़कन में गड़बड़ी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसी वजह से गर्मियों में सिर्फ पानी पीना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि शरीर में जरूरी तत्वों का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है. छाछ, नमक-शक्कर वाला नींबू पानी, नारियल पानी और संतुलित भोजन इस कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
डॉ. रोमेल टिक्कू के अनुसार, सही तरीके से पानी पीना ही सबसे बड़ा बचाव है. समय-समय पर आराम करना, तेज धूप से बचना और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करना जरूरी है।
यह समझना बेहद जरूरी है कि शरीर को सिर्फ पानी नहीं, बल्कि संतुलित पोषण की भी जरूरत होती है. अगर इस बात को नजरअंदाज किया जाए, तो छोटी समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है।
