टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में कई दशक तक काम करने वाले कलाकार अक्सर एक समय के बाद गुमनामी और बेरोजगारी का दर्द झेलते नजर आते हैं। ऐसी ही पीड़ा अब दिग्गज अभिनेत्री अनीता कंवल ने बयां की है। करीब 40 साल तक इंडस्ट्री में काम कर चुकीं अनीता का कहना है कि आज उनके पास काम नहीं है, जबकि सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को सिर्फ फॉलोअर्स की वजह से मौके मिल रहे हैं। अपने दर्द और गुस्से को जाहिर करते हुए उन्होंने इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर कई तीखी बातें कही हैं।
‘इंडस्ट्री हमें भूल चुकी है’, बोलीं अनीता कंवल
72 वर्षीय अनीता कंवल ने अपने लंबे करियर में कई चर्चित टीवी शोज और फिल्मों में काम किया है। वह ‘बनेगी अपनी बात’, ‘सोनपरी’, ‘कभी हां कभी ना’ और ‘जुनून’ जैसी परियोजनाओं का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने शाहरुख खान समेत कई बड़े कलाकारों और निर्देशकों के साथ काम किया, लेकिन अब उनका कहना है कि इंडस्ट्री उन्हें भूल चुकी है।
भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि वह खुद को बेहद अकेला और नजरअंदाज महसूस करती हैं। अभिनेत्री ने यहां तक कह दिया कि कई बार उनका मन खुद को खत्म कर लेने का करता है। उनके बयान ने मनोरंजन जगत में उम्रदराज कलाकारों की स्थिति और काम की कमी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
इंफ्लुएंसर्स को मिल रहे मौके, कलाकारों की मेहनत बेकार?
एक बातचीत के दौरान जब अनीता से पूछा गया कि आज सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को उनके लाखों फॉलोअर्स की वजह से एक्टिंग के मौके मिल रहे हैं, तो उन्होंने इस पर खुलकर नाराजगी जताई। अनीता ने कहा कि यह इंडस्ट्री की सबसे “घटिया” और “भयानक” बातों में से एक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कास्टिंग डायरेक्टर्स सामने भले ही इस बात से इनकार करें, लेकिन सच यही है कि आज इंस्टाग्राम फॉलोअर्स देखकर लोगों को काम दिया जा रहा है। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने 40-45 साल मेहनत और ईमानदारी से काम किया, लेकिन अब उस अनुभव की कोई कीमत नहीं रह गई है।
‘कपड़े उतारकर भी फेमस हो सकते हैं लोग’
अनीता कंवल ने सोशल मीडिया संस्कृति पर निशाना साधते हुए कहा कि आज इंस्टाग्राम पर कोई भी अलग तरह की हरकत करके मशहूर हो सकता है। उन्होंने कहा, “इंस्टाग्राम पर तो कोई कपड़े उतारकर भी फेमस हो सकता है, लेकिन उसमें टैलेंट कहां है?”
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे कितने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स हैं, जिनकी फिल्में वास्तव में सफल हुई हैं। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में वर्षों तक काम करने के बाद भी उनसे ऑडिशन मांगे जाते हैं और खुद का परिचय देने के लिए कहा जाता है, जो उन्हें बेहद दुख पहुंचाता है।
मनोरंजन की दुनिया भी अजीब है…
कभी अनुभव पहचान बनता था,
अब कई बार एल्गोरिदम ही करियर तय करने लगा है।
