
बिहार में हाल के दिनों में हुए पुलिस एनकाउंटर को लेकर राजनीति तेज हो गई है। इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary का एक बयान अब बड़े विवाद का कारण बन गया है। एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, “कुछ लोग पूछ रहे हैं कि एनकाउंटर में जाति भी पूछनी चाहिए… मैं तो पुलिस वालों से कहूंगा कि जाति पूछकर ही गोली चलाओ।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और विपक्ष सरकार पर हमला बोल रहा है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों में बिहार के कई जिलों में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। पटना, सीवान, किशनगंज और समस्तीपुर जैसे जिलों में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन घटनाओं के बाद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में जाति के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है।
इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हर बात में जाति ढूंढने की कोशिश करते हैं। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि अगर लोग चाहते हैं कि एनकाउंटर से पहले जाति पूछी जाए, तो फिर पुलिस को “जाति पूछकर गोली चलानी चाहिए।”
हालांकि, उन्होंने यह बात व्यंग्य के तौर पर कही, लेकिन विपक्ष ने इसे गंभीर मुद्दा बना दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर बहस शुरू हो गई है। कई लोग मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर कटाक्ष किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि बिहार को सुशासन के लिए जाना जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस को सख्त कार्रवाई करने की सलाह देते हुए कहा कि अगर कोई अपराधी पुलिस को चुनौती देता है, तो उसे 48 घंटे के भीतर जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैंने बिहार पुलिस से कहा है कि अगर कोई पुलिस को चैलेंज करे, तो ज्यादा देर मत कीजिए। 48 घंटे में जवाब दीजिए। पुलिस सुशासन और सख्ती के लिए होती है।”
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनके अनुसार राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने बयान में किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका निशाना Tejashwi Yadav पर था। दरअसल, दो दिन पहले तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार में हो रहे एनकाउंटर पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस कार्रवाई में विशेष जाति के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने कहा था कि सरकार को यह भी देखना चाहिए कि अपराध किसने किया और पीड़ित कौन है। उन्होंने कुछ पुराने मामलों का जिक्र करते हुए सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही बिहार की राजनीति में एनकाउंटर का मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
अब सम्राट चौधरी के बयान के बाद विपक्षी दल और ज्यादा आक्रामक हो सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार में कानून व्यवस्था और जाति की राजनीति हमेशा बड़ा मुद्दा रही है, इसलिए इस तरह के बयान का असर आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल पर दिखाई दे सकता है।
